शैक्षिक नेतृत्व से लेकर विद्यालय प्रबंधन तक सिखाई प्रभावी कार्ययोजना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहा जोर
KAUSHAMBI NEWS: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), मंझनपुर में प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए आयोजित दूसरे चरण का तीन दिवसीय ‘सक्षम प्रशिक्षण’ का बुधवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रधानाध्यापकों को विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, शैक्षिक नेतृत्व को प्रभावी बनाने व बच्चों के लिए सीखने का अनुकूल वातावरण तैयार करने की रणनीतियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राचार्य व उप शिक्षा निदेशक, डायट कौशांबी निधि शुक्ला के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक नेतृत्व, शिक्षक सहयोग, विद्यार्थियों की सीखने की आवश्यकताओं व बाल-अनुकूल विद्यालयी वातावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण का संचालन डा. दिनेश कुमार यादव ने किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों में विषयवस्तु को सरल, सहज व व्यावहारिक तरीके से समझाते हुए विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों पर चर्चा की। प्रशिक्षण को सहभागी व संवादात्मक बनाने के लिए समूह-चर्चा, गतिविधियों, अनुभव-साझाकरण व व्यावहारिक उदाहरणों का प्रयोग किया गया। विभिन्न सत्रों में डा. दिनेश सिंह यादव, डा. प्रमोद सेठ व डा. वंदना सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को अकादमिक व शैक्षिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापक की भूमिका केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विद्यालय के शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता भी हैं। प्रभावी नेतृत्व, शिक्षक समन्वय, नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण व बच्चों की सीखने की जरूरतों पर केंद्रित प्रयासों से विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार ने भी प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यालय में टीम भावना, शिक्षक सहयोग व सामूहिक कार्ययोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक के प्रभावी नेतृत्व से विद्यालय में सकारात्मक व सीखने के अनुकूल वातावरण का निर्माण किया जा सकता है। प्रशिक्षण में विकासखंड कड़ा, मंझनपुर, सिराथू व नेवादा के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने अपने विद्यालयों के अनुभव, शैक्षिक चुनौतियों व नवाचारों को साझा किया तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण की विषयवस्तु को व्यवहारिक रूप से समझा।
विद्यालयों में लागू करेंगे प्रशिक्षण की सीख
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी, ज्ञानवर्धक व व्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त नवीन अवधारणाओं व रणनीतियों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू किया जाएगा। डायट की यह पहल प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, प्रभावी विद्यालयी नेतृत्व के विकास व विद्यालयों को बाल-केंद्रित व सीखने के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।







