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गंगा घाटों की नियमित सफाई कराने के निर्देश, जल संरक्षण पर भी जोर

FATEHPUR NEWS: जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की बैठक सोमवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में जूम के माध्यम से हुई। बैठक में गंगा घाटों की सफाई, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक और पौधरोपण समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने गंगा घाटों की नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण जहां जलभराव हुआ है, वहां पानी निकलने के बाद जमा सिल्ट की भी सफाई कराई जाए। इसके लिए खंड विकास अधिकारी टीम गठित कर काम कराएं। उन्होंने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत चिन्हित स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप और विद्यालयों में लगे हैंडवाश सिस्टम के आसपास सोख्ता गड्ढे बनवाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। किए गए कार्यों की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। ओम घाट के पास गंगा की धारा में हुए परिवर्तन को लेकर जिलाधिकारी ने डीएफओ को शासन स्तर पर पत्राचार करने को कहा। उन्होंने निर्मल गंगा, अविरल गंगा, जन गंगा, ज्ञान गंगा और अर्थ गंगा के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। गंगा किनारे बसे गांवों के किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त करने और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। दुकानदारों और व्यापारियों को प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने तथा कपड़े और जूट के थैले इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करने को कहा। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने और उसका नियमानुसार निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए। सभी एमआरएफ सेंटरों को पूरी क्षमता से संचालित करने तथा जैव चिकित्सा और ई-वेस्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने वर्षाकाल 2026-27 में किए गए पौधरोपण की भी समीक्षा की। उन्होंने जिन पौधों की जियो टैगिंग नहीं हुई है, उनकी शत-प्रतिशत जियो टैगिंग कराने और मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डीएफओ, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी और समिति के नामित सदस्यों सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।