JHANSI NEWS: उत्तर प्रदेश गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न गोआश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण, चिकित्सा सुविधाओं तथा मूलभूत व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गोवंशों का संरक्षण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गोआश्रय स्थलों पर हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल, दवा तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। वर्षा ऋतु को देखते हुए किसी भी गोशाला में जलभराव की स्थिति न बनने देने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिन्हित चारागाह भूमि पर शत-प्रतिशत हरे चारे की बुआई कराई जाए, ताकि गोवंशों को पूरे वर्ष पर्याप्त चारा उपलब्ध हो सके। साथ ही अधिकारियों से स्वयं स्थलीय सत्यापन कर बुआई पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से एक-एक गोशाला गोद लेने का आग्रह करने तथा अपनी निधि से वहां आधारभूत सुविधाओं का विकास कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं ग्राम पलींदा स्थित एक गोआश्रय स्थल को गोद लिया है। गौ-सेवा आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि गौशालाओं में नर एवं मादा बछड़ों, बीमार तथा अशक्त गोवंश को अलग-अलग रखा जाए और उनका समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने लाभार्थियों का सत्यापन कराने तथा गोवंशों के समुचित संरक्षण की पुष्टि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत अधिक संख्या में गोवंशों की सुपुर्दगी कराने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने गोआश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करने, चारागाहों के चारों ओर मोरिंगा के पौधे लगाने तथा नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, सभी पशु चिकित्सा अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Home उत्तर प्रदेश गोवंश संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सभी गोआश्रय स्थलों पर बेहतर व्यवस्थाएं...







