Home उत्तर प्रदेश विकास कार्यों और गौशालाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए निर्देश

विकास कार्यों और गौशालाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए निर्देश

जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिक से अधिक किसानों का फसल बीमा कराने के निर्देश
FATEHPUR NEWS: कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में विकास कार्यों एवं गौशाला अनुश्रवण समिति की बैठक जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में शासन की विकासपरक, लाभार्थीपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं, आकांक्षी जनपद के संकेतांकों तथा सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की रैंकिंग की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों की सीएम डैशबोर्ड पर बी, सी और डी श्रेणी की रैंकिंग है, वे कार्ययोजना बनाकर अपनी रैंकिंग में सुधार लाएं, जबकि ए श्रेणी प्राप्त विभाग अपनी उपलब्धियों को बनाए रखें। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं के प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कर पात्र लोगों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी को आगामी माह आयोजित होने वाले संभव अभियान-2.0 के सफल संचालन के निर्देश दिए गए। साथ ही कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बनने वाले बेबी फ्रेंडली शौचालयों की सूची संबंधित खंड विकास अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम) को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन कराने और उनका क्रेडिट लिंकेज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही फैमिली आईडी बनाने में तेजी लाने तथा प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान शीघ्र कराने को कहा। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों का बीमा कराया जाए, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। बैठक के दूसरे चरण में जनपद की गौशालाओं में गोवंशों के भरण-पोषण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने वर्षा ऋतु को देखते हुए गौशालाओं में जल निकासी, चारे और भरण-पोषण सामग्री के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भंडारित सामग्री वर्षा के कारण खराब न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं के कंट्रोल रूम एवं सीसीटीवी प्रणाली को अपने मोबाइल से जोड़े रखें तथा नियमित निगरानी करें। साथ ही जहां नेपियर घास की बुआई शेष है, वहां शीघ्र बुआई पूरी कराई जाए। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को गोवंश उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।