JHANSI NEWS: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने ऊर्जा संरक्षण एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए सामूहिक कार्य प्रणाली को अपनाया है। प्रदेश सरकार द्वारा ऊर्जा बचत और विद्युत संरक्षण के आह्वान के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नई कार्य संस्कृति विकसित की है, जिसके अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अलग-अलग कमरों में बैठाने के बजाय एक ही कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठाकर कार्य कराया जा रहा है। विश्वविद्यालय में इस समय संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। परीक्षा की तैयारियों को समयबद्ध एवं सुचारु रूप से पूरा करने के उद्देश्य से लगभग 30 से अधिक शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठने की व्यवस्था एक ही कॉन्फ्रेंस हॉल में की गई है। इस व्यवस्था से न केवल कार्यों की गति में तेजी आई है, बल्कि ऊर्जा की भी बड़ी मात्रा में बचत हो रही है। परिसर में ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग से जुड़े कार्यों के लिए गठित समिति भी इसी सामूहिक व्यवस्था के अंतर्गत कार्य कर रही है। कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, बीएड के राज्य समन्वयक, राज्य सह-समन्वयक एवं विभिन्न कार्यों के लिए नियुक्त समन्वयक एक ही स्थान पर बैठकर कार्य कर रहे हैं। इससे अलग-अलग कमरों में एयर कंडीशनर, बिजली एवं अन्य संसाधनों के उपयोग की आवश्यकता कम हुई है और विश्वविद्यालय परिसर में विद्युत खपत में उल्लेखनीय कमी आई है। एक ही स्थान पर सभी संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी के कारण परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर तत्काल चर्चा कर उनका समाधान भी तुरंत किया जा रहा है। इससे समन्वय बेहतर हुआ है और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ी है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि सामूहिक कार्य प्रणाली से टीम भावना को भी मजबूती मिलती है। अधिकारी एवं कर्मचारी एक-दूसरे के साथ निरंतर संवाद में रहते हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बन रही है। बीएड प्रवेश परीक्षा जैसे बड़े आयोजन में यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है। विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार यह पहल केवल ऊर्जा संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि “वर्किंग टुगेदर” की भावना को भी सशक्त कर रही है। संसाधनों के साझा उपयोग का यह मॉडल भविष्य में अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकता है। शिक्षा जगत में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की यह पहल एक अनूठे उदाहरण के रूप में देखी जा रही है, जहां ऊर्जा बचत, बेहतर समन्वय और तेज कार्य निष्पादन को एक साथ सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
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