PRAYAGRAJ NEWS: सनातन धर्म की आस्था के केन्द्र तीर्थ स्थल संगम से करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है , महाकुंभ, कुंभ और माघ मेला जैसा विशाल आयोजन होता है। देश, दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का महानाम संगम है। आस्था को दरकिनार करते हुए संगम नाम से अंग्रेजी ब्रांड की शराब बाजार में बिक रही है। महंगे दाम की यह शराब रामपुर डिस्टिलरी में तैयार हो रही है। धीरे – धीरे संगम नाम की इस शराब ने बिक्री की रफ्तार पकड़ी तो लोगों को जानकारी हुई। अब गुस्सा और गुबार सामने आने लगा है। इसके विरोध में देश के साधु, संतों और धर्मगुरुओं ने आवाज बुलंद करनी शुरू की है। संगम नाम से शराब की बिक्री बंद कराने के लिए प्रयागराज के साधु – संत देश के धर्मगुरुओं के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।
अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्राह्मश्रम महराज वृन्दावन का कहना है कि कुछ अराजक तत्वों ने हमारे तीर्थराज प्रयागराज संगम के नाम पर अपनी शराब का नाम श्संगमश् रखा है। यह विद्रोह की चिंगारी को जन्म देने जैसा है। उन्होंने कहा कि समय रहते चेत जाएं, अन्यथा उनको चेताने के लिए सारा समाज एकजुट होकर खड़ होगा। संगम एक विश्व की धरोहर है, विश्व की आस्था उस संगम के साथ जुड़ी हुई है। विश्व के लोग अपने तमाम पितरों के पिंडदान करने के लिए, अपने मृतक लोगों के अस्थियों को लेकर संगम पर जाते हैं जहाँ पर विसर्जन करते हैं। सबकी आस्था उससे जुड़ी हुई है। इसलिए सारा समाज आक्रोशित है। अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पीठाधीश्वर स्वामी रामास्वामी शास्त्री स्वामी महराज गढवा, श्रृंगवेरपुरधाम का कहना है कि मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूं। हमारी सनातन संस्कृति को बदनाम करने के लिए शराब जैसी वस्तु का नाम श्संगमश् रखा जाए, यह न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार से मांग करता हूं कि इसका नाम श्संगमश् कभी भी, किसी भी कीमत में होना नहीं चाहिए। संगम तो गंगा-यमुना-सरस्वती का परम पवित्र मिलन है, और उसका नाम अल्कोहल में? यह हमको स्वीकार्य नहीं है।
जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी शाडिल्य जी महराज श्रृंगवेरपुर धाम, प्रयागराज का कहना है कि कुछ विधर्मी, कुछ अराजक तत्व संगम के नाम पर शराब का, मदिरा का नाम रख दिए हैं। सरकार से पहले तो मांग है कि तत्काल उसके ऊपर राजद्रोह, देशद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज हो। दूसरा तत्काल उसकी गिरफ्तारी होकर जेल भेज दिया जाए।
जगदगुरू अनंताचार्य महराज (अमृत दास जी) दमोह, मध्म प्रदेश ने कहा कि शराब के ब्रांड का नाम ष्संगमष् कतई मंजूर नहीं। जिस तीर्थराज प्रयाग में हम लोग स्नान करके मुक्ति की कामना करते हैं, जिस तीर्थराज प्रयाग का नाम लेते ही पवित्रता अपने आप झलकने लगती है। जहां कल्पवास होता है, पौष की पूर्णिमा से माघ की पूर्णिमा तक साधु-संत, महात्मा सब लोग मिलकर के तपस्या करते हैं, उस पवित्र ष्संगमष् नाम का इससे बड़ा और अपमान क्या हो सकता है?
जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी रामसुभगदास दास बिनैका बाबा महराज, चित्रकूट का कहना है कि बड़े दुख का विषय है जो प्रयागराज संगम के नाम से शराब की फैक्ट्री चलाई जा रही है। मैं साधु समाज, सभी संत समाज, खाक चैक की तरफ से घोर निंदा करता हूं। उत्तर प्रदेश सरकार को चाहिए कि इसमें संज्ञान ले और यह संगम और भगवान के नाम से जो शराब, बीड़ी, गुटखा चलाये जा रहे हैं, इसको तत्काल बंद करें, नहीं तो इसमें घोर संग्राम की संभावना है।





