PRYAGRAJ उत्तर प्रदेश राज्य के पेश हुए बजट में सरकार ने बजट का आकार 9.8% के आसपास बढ़ाया है यह एक स्वागत योग कदम है साथ ही बजट घाटे को पुरानी ही दर पर नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है। जो की सरकार के अच्छे प्रबंधन को दर्शाता है। बजट में रहता को लेकर व्यापारियों को बहुत आशा थी उम्मीद थी कि सरकार उत्तर प्रदेश के अंदर ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स को लेकर कोई नीति की घोषणा करेगी जीएसटी के अंतर्गत हो रहे उत्पीड़न पर कोई ठोस कदम लिया जाएगा व्यापारियों को अनेक प्रकार के टैक्स की कमर्शियल दर से छुटकारा मिलेगा परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार के राजस्व में जीएसटी के माध्यम से एक बड़ा हिस्सा व्यापारियों के द्वारा दिया जाता है।जिस कारण व्यापारियों को बजट में फौरी राहत की उम्मीद थी किंतु अपने वोट बैंक को बनाने के लिए रेवड़ियों का प्रावधान किया गया इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश लंबी अवधि का निवेश होता है, इसका प्रभाव आने वाले दो चार वर्षो के बाद मिलेगा। बजट का आकार बड़ा था तो इसका मतलब है कि सरकार के पास हाथ में पैसा है उसे व्यापारियों को राहत देने वाली भी घोषणाएं करनी चाहिए।






