17 दिन में पूरा हुआ पौने तीन करोड कापियों का मूल्यांकन
85 फीसदी के ऊपर अंक पाने वाले छात्रों के कापियों का हो रहा फिर से मूल्यांकन
रिजल्ट की तैयारियां अंतिम दौर में, घोषणा शीघ्र रू भगवती सिंह PRAYAGRAJ NEWS: यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की कापियों का मूल्यांकन शनिवार को प्रदेश के सभी मूल्यांकन केन्द्रों पर पूरा हो गया है और रिजल्ट 23 – 24 अप्रैल को आने की संभावना है। इसकी तैयारियों में यूपी बोर्ड के अफसर लग गये है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन पूरा हो गया है और रिजल्ट की तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है।
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट के 53 लाख छात्रों की परीक्षा प्रदेश के 8033 परीक्षा केन्द्रों पर संपन्न होने के बाद मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ था । यह मूल्यांकन डेढ लाख परीक्षकों ने प्रदेश के 153 मूल्यांकन केन्द्रो पर 18 मार्च से शुरु किया था। इस दौरान ईद, रामनवमी, लोकसेवा आयोग की आरो, एआरओ और पीसीएस मुख्य परीक्षा हुई जिससे मूल्यांकन एक हफ्ते पिछड गया था लेकिन यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कापियों का मूल्यांकन पूरा हो गया है। इस दौरान 85 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले परिक्षार्थियों की कापियों का फिर से मूल्यांकन हो रहा है जिससे कि रिजल्ट की घोषणा के दौरान कोई गडबडी ना होने पाये।
चार लाख छात्रों ने छोडी है परीक्षा
यूपी बोर्ड के हाई स्कूल और इण्टर की परीक्षा के दौरान चार लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड दी थी जिसमें तीन लाख से अधिक परीक्षार्क्षी हिन्दी विषय के थे, ऐसे में यह परीक्षार्थी हिन्दी विषय की परीक्षा में पहले ही फेल हो चुके है, जबकि एक लाख से अधिक परीक्षार्थी अन्य विषयों के थे।
प्रैक्टिकल ना दें पाने वाले छात्रों को शीघ्र मिलेगा मौका
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट परीक्षा के दौरान जिन छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं छूट गयी है, उनको यूपी बोर्ड शीघ्र एक और अंतिम मौका देने जा रहा है जिससे कि उनका नुकसान ना होने पाए।
प्रधानाचार्य, शिक्षकों, छात्रों के लिए आनलाइन हाजिरी अनिवार्य
यूपी बोर्ड के विद्यालयों जीआईसी, जीजीआईसी, एडेड और वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक – शिक्षिकाओं और छात्र – छात्राओं के लिए नए सत्र एक अप्रैल से आनलाइन शत प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य है जिसकी मानीटरिंग यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह स्वयं कर रहे है। उन्होंने बताया कि आनलाइन हाजिरी पर विशेष निगाह रखी जा रही है, शासन स्तर पर इसकी शीघ्र समीक्षा होगी और फिर डीआईओएस और जेडी को शत प्रतिशत आनलाइन हाजिरी के लिए लगाया जाएगा।







