PRAYAGRAJ NEWS: सी एम पी डिग्री कॉलेज प्रयागराज में दिनांक 18/03/2026 को रिसर्च कम्युनिकेशन जर्नल और रिसर्च एंड प्रोजेक्ट कमेटी के संयुक्त तत्वाधान में रिसर्च राइटिंग एंड इंटेग्रिटी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में पधारे हुए अतिथियों का स्वागत सेमिनार की संयोजक प्रोफेसर बबिता अग्रवाल ने किया तथा रिसर्च कम्युनिकेशन जर्नल और महाविद्यालय स्तर की रिसर्च एंड प्रोजेक्ट कमेटी के कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। आपने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए लक्ष्य चुनकर टीम भावना के साथ कार्य करना चाहिए। इस सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रोफेसर मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि शोधार्थियों को अपने शोध कार्य के प्रति ईमानदार होना चाहिए तथा अपने शोध में नवीनतम शोध पत्रों का संदर्भ देना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अजय प्रकाश खरे जी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि शोध क्यों करें। आपने 15 अगस्त 2022 को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए संकल्प जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान की याद दिलाई और कहा कि यदि चहुमुखी विकास करना है तो इस थीम को लेकर चलना होगा। कोरोना के दौरान भारत के वैज्ञानिकों द्वारा वैक्सीन की खोज को शोध का ही परिणाम बताते हुए शोध के महत्व को रेखांकित किया। आपने शोध छात्रों से कहा कि आप शोध मन लगाकर करें, इसमें बहुत संभावनाएं हैं। यदि आप अच्छे शोधार्थी हैं तो इस बात कि गारंटी है कि आप बेरोजगार नहीं रहेंगे। इस संगोष्ठी में आमंत्रित वक्ता प्रोफेसर अशोक कुमार पाठक जी ने कहा कि शोधार्थियों को शोध परिकल्पना का निर्माण करते समय ईमानदार तो होना ही चाहिए साथ ही डाटा के सामान्यीकरण के समय भी वही ईमानदारी दिखानी चाहिए, इससे की प्रभाव नहीं पड़ता कि आपकी परिकल्पना सही साबित होती है या नासाबित होती है। आमंत्रित वक्ता डॉ बी के सिंह जी ने कहा कि हमारे देश शोधार्थियों की क्वांटिटी तो कम है ही लेकिन क्वालिटी और खराब है। आज हमे शोध में जो नैतिकता की बात करनी पड़ रही है वह चिंताजनक है। ये बात आज इसलिए करनी पड़ रही है क्योंकि हमारे नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है। चूंकि आज आपका शोध पत्र पूरे विश्व के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध है, अतः आपको ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन डॉ गोविंद गौरव और मंच संचालन डॉ ज्योति वर्मा और सिमोनी सिंघल ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में परास्नातक छात्रों और शोध छात्रों ने प्रतिभाग किया। इस सेमिनार के सफल आयोजन में डॉ विशाल श्रीवास्तव, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ प्रिया सोनी खरे, डॉ रचना श्रीवास्तव, डॉ रेखा श्रीवास्तव, डॉ यादवेंद्र सिंह, डॉ विजय प्रताप सिंह, डॉ दिली







