Home उत्तर प्रदेश अधिवक्ता सुरक्षा कानून को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान, जताया आक्रोश

अधिवक्ता सुरक्षा कानून को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान, जताया आक्रोश

अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक की मांग को लेकर कुण्डा, सलोन तथा ऊंचाहार में गरजे वकील
PRATAPGARH NEWS: अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदेश में निकली अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा रायबरेली जिले के सलोन तहसील से होते हुए ऊंचाहार पहुंची। यहां तहसील परिसर में वकीलों ने नारेबाजी के साथ भारी विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सुरक्षा यात्रा का पड़ाव प्रतापगढ़ जिले के कुण्डा तहसील में हुआ। कुण्डा तहसील परिसर में आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन के बैनरतले मांग को लेकर वकीलों ने एसडीएम कार्यालय के सामने एकत्रित होकर विरोध का स्वर मुखर किया। एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल एवं राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश की संयुक्त अगुवाई में प्रदेश भर में निकली अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा का कुण्डा में जोरदार आगाज दिखा। वकीलों ने केंद्र सरकार से इस विधेयक को अविलम्ब पारित कराए जाने की मांग उठाई। यहां अधिवक्ताओं की आम सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने ऐलान किया कि यह मांग पूरी न होने पर वकील अगले बजट सत्र में दिल्ली में संसद भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश ने कहा कि वकीलों के भारी दबाव के बीच प्रदेश सरकार ने अब अधिक्ताओं के कैशलेस हेल्थ बीमा को लेकर कैबिनेट के लिए प्रस्ताव मांगा है। उन्होने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं के हितों की उपेक्षा से बाज नही आयेगी। विधानसभा से लेकर संसद तक का वकील घेराव भी करेंगे। यात्रा के प्रदेश प्रभारी अधिवक्ता विकास मिश्र ने साथियों को अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम में शामिल मसौदे की जानकारियां प्रदान की। आमसभा को वरिष्ठ अधिवक्ता शीतला प्रसाद यादव, विजय तिवारी, दिनेश तिवारी, प्रेमचंद्र शुक्ला, राघवेन्द्र मिश्र ने संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं की सुरक्षा व सुविधाओं पर सरकार की ढ़िलाई पर नाराजगी जतायी। आमसभा का संचालन अधिवक्ता पुष्पेष पाण्डेय ने किया। इस मौके पर पंकज तिवारी, राहुल मिश्र, शिवम पाण्डेय, शुभम मिश्र, हरिओम मिश्र, आलोक सिंह, विनय शुक्ला, मनोज सरोज, अम्बुज शुक्ल, अतुल पाण्डेय, हरिओम उपाध्याय, हेमंत शुक्ला, प्रिंस मिश्र, प्रियांशू शुक्ला, दिनेश सिंह आदि अधिवक्ता रहे।