तर ज़बां हो फिर से मदहे मादरे शब्बीर में
PRAYAGRAJ NEWS: बख्शी बाजार स्थित मस्जिद क़ाज़ी जी में पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद ए मुस्तफा (स०अ०व०)की इकलौती बेटी मासूमा ए कौनैन हज़रत फात्मतुज़ ज़हरा की विलादत बा सआदत के मौक़े पर मरहूम ज़ाकिर ए अहलेबैत ज़ायर हुसैन द्वारा क़ायम महफ़िल शुआ ए नूर का तिहत्तरवां दौर मुक़ामी व ग़ैर मुक़ामी शायरों के बेहतरीन कसीदे के साथ सम्पन्न हुआ। मौलाना सैय्यद हसन रज़ा ज़ैदी इमाम जुमा चक शिया जामा मस्जिद की अध्यक्षता व अनीस रिज़वी जायसी के संचालन में शायरों ने एक से बढ़ कर एक शेर सुना कर जमकर वाह वाही बटोरी। ज़ाकिर ए अहलेबैत रज़ा अब्बास ज़ैदी ने फात्मा ज़हरा की शान की फजीलत बयान की तो शायर हसनैन मुस्तफाबादी ने पढ़ा।फात्मा तेरी फज़ीलत के लिए यह कम नहीं।हो मुफस्सिर कोई तेरा ज़िक्र है तफसीर में! फात्मा की ज़ौजियत पर फख्र करते थे अली।यह शरफ ख़ालिक़ ने रक्खा शाहे खैबरगीर ने। मौलाना आमिरुर रिज़वी ने पढ़ा।हां इज़ाफ़ा है यह मेरी इज़ज़तो तौक़ीर में।तर ज़बां हो फिर से मदहे मादरे शब्बीर में।ज़मीर भोपतपूरी ने कुछ इस अन्दाज़ में पढ़ा।मदहाख्वानी है अगर मदहा की तक़दीर में।इश्के ज़हरा का असर है खून की तासीर में।बाहरी शायरों में खादिम शब्बीर नसीराबादी ,बाक़र बलियावी ,दिलकश ग़ाज़ीपुरी ,अहमद सज्जाद लखनवी ,मायल चन्दौलवी , शहंशाह मिर्ज़ापुरी ,अफ़रोज़ ज़ैदी दत्तयावी ,अदीबुल हसनैन मुम्बई , खुर्शीद ज़फ़र हल्लौरी ने खूबसूरत अशआर सुना कर जमकर वाहवाही बटोरी तो शहर के शायरों में ज़मीर भोपतपूरी , आज़म मेरठी ,हसनैन मुस्तफाबादी ,नायाब बलियावी ,डॉ क़मर आब्दी ,बाबर ज़हीर ,आमिरुर रिज़वी ,अनवार अब्बास ,असग़र दरियाबादी ,रौनक सफीपुरी ,अनवर कमाल ,जावेद दुलहीपुरी ,आबिद सोनवी ,हाशिम बांदवी ,इरफान लखनवी , शहंशाह सोनवी ,हैदर कोरालवी ,रज़ा इस्माइल सफवी ,ऊरुज ग़ाज़ीपुरी ,वाक़िफ अंसारी ,शहीर रालवी ,अमन दरियाबादी ,अली काज़िम असाढ़वी ने देर रात तक चली महफ़िल शुआ ए नूर में जमकर नूर की बारिश की। महफ़िल में मौलाना हसन रज़ा ज़ैदी ,मौलाना जव्वादुल हैदर रिज़वी ,मौलाना अफ़ज़ल अब्बास ,मौलाना इरफान ज़ैदी ,मौलाना जाबिर अब्बास ,मौलाना शहरयार हुसैन ,मौलाना खादिम अब्बास ,मौलाना मोहम्मद ताहिर ,मौलाना मीर कल्बे अब्बास मौलाना सरफराज़ हुसैन ,गौहर काज़मी ,काज़िम अब्बास ,अहमद जावेद कज्जन बाक़िर अब्बास ,अख्तर अली ,मक़सूद रिज़वी ,फरमान रज़ा ,सैय्यद मोहम्मद अस्करी ,बाक़र मेंहदी ,ज़रग़ाम हैदर आदि शामिल रहे।







