LAKHIMPUR KHERI NEWS: बुधवार को कांग्रेस भवन पर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री आयरन लेडी स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया।तत्पश्चात जिला उपाध्यक्ष रवि तिवारी की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया।अध्यक्षता कर रहे रवि तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एक अजीम शख्शियत थीं।उनके भीतर गजब की राजनैतिक दूरदर्शिता थी।इंदिरा का जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ।पिता जवाहरलाल नेहरू आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों में शामिल थे।वही दौर रहा, जब 1919 में उनका परिवार बापू के सानिध्य में आया और इंदिरा ने पिता नेहरू से राजनीति का ककहरा सीखा।मात्र 11 साल की उम्र में उन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए बच्चों की वानर सेना बनाई।1938 में वह औपचारिक तौर पर इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल है और 1947 से 64 तक अपने प्रधानमंत्री पिता नेहरू के साथ उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी और ऐसे में सियासी उतार चढ़ाव को वह बखूबी समझती थी।यही वजह रही कि उनके सामने न सिर्फ देश, बल्कि विदेश के नेता भी उन्नीस नजर आने लगते थे।अतः पिता के निधन के बाद कांग्रेस पार्टी में उनका ग्राफ तेजी से ऊपर पहुंचा और लोग उनमें पार्टी एवं देश का नेतृत्व देखने लगे।वह सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना प्रसारण मंत्री बनी। शास्त्री जी के निधन के बाद 1966 में वह देश के सबसे शक्तिशाली पद प्रधानमंत्री पर आसीन हुई एक समय गूंगी गुड़िया कहीं जाने वाली इंदिरा गांधी तत्कालीन राजघरानों के प्रिवी पर्स समाप्त कराने को लेकर उठे तमाम विवाद के के बावजूद तत्संबंधी प्रस्ताव को पारित कराने में सफलता हासिल करने, बैंकों का राष्ट्रीय करण करने जैसा साहसिक फैसला लेने और पृथक बांग्लादेश के गठन और उसके साथ मैत्री और सहयोग संधि सफल होने के बाद बहुत तेजी से भारतीय राजनीति के आकाश पर छा गई।उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित नवाज खान जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस पंकज शुक्ला एडवोकेट,चंद्र प्रभा अवस्थी,कोमल सिंह,सत्ती सरन गौतम,जावेद अली एडवोकेट,रामपाल शाक्य, लतीफ आजम सलीम,गुलफाम कालिका प्रसाद अवस्थी आदि।







