Home उत्तर प्रदेश गोपनीय दस्तावेज लीक, कार्यवाहक प्राचार्य से कारवाई का मांग

गोपनीय दस्तावेज लीक, कार्यवाहक प्राचार्य से कारवाई का मांग

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दो प्रोफेसर आये आगे, कहा कि कारवाई ना होने पर मामले को ले जाएगे शासन में

कहा कि आरोपी शिक्षक महाविद्यालय का शैक्षणिक माहौल कर रहा है खराब

उन्नाव / प्रयागराज। राजकीय महाविद्यालय गोसाईखेडा, उन्नाव के शिक्षक, कर्मचारियों के गोपनीय दस्तावेज व्हाट्सप्प पर महाविद्यालय के शिक्षक ने लीक कर दिया है, इस पर कालेज के दो प्रोफेसर सामने आ गये है। उन्होंने कालेज की कार्यवाहक प्राचार्य को आज शिकायती पत्र देते हुए शिक्षक के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की है। दोनों प्रोफेसर ने महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य से मांग किया है कि अगर मामले की जांच करके संबंधित के खिलाफ सख्त कारवाई नही होगी तो मामले की शिकायत शासन में की जाएगी।
राजकीय महिविधालय गोसाईखेडा, उन्नाव के प्रो (डॉ) आरपी वर्मा हिन्दी विभागाध्यक्ष और प्रो (डॉ) जीतेन्द्र कुमार वाणिज्य विभाग राजकीय महाविद्यालय गोसाईखेडा, उन्नाव है। दोनों प्रोफेसर ने महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर रसायन विज्ञान अभिनव द्विवेदी पर आरोप लगाया है कि समस्त प्राध्यापको और कर्मचारियों
की उपस्थिति पंजिका एवं अन्य गोपनीय दस्तावेजो को व्हाटसएप ग्रुप एवं सोशल मीडिया पर वायरल (प्रकटीकरण) कर दिया है।
प्रोफेसर द्वय ने महाविद्यालय के डा अभिवन द्विवेदी असि प्रो रसायन विज्ञान के दिनांक 05 जून 2025 के शासनादेश संख्या 1136/70-5-2025-75 (14)/218 टी0सी0II उत्तर प्रदेश शासन उच्च शिक्षा अनुभाग-5 के तहत इनका स्थानान्तरण राजकीय महिला महाविद्यालय भरापुरा अलीगंज एटा में हो गया था लेकिन स्थानान्तरण होने के बावजूद अनाधिकृत रुप से महाविद्यालय में आते – जाते हैं, और अपने समर्थक टीम द्वारा कभी प्राचार्य कक्ष में तो कभी कार्यालय में गुट बनाकर अनुसूचित जाति (पुरुष वर्ग) को हानि पहुँचाने के लिए साजिश एवं षडयन्त्र रचते हैं, जिसकी कार्यवाहक प्राचार्य कक्ष में लगे सीसी कैमरे से पुष्टि की जा सकती हैं। डा अभिनव द्विवेदी और उनके लोग महाविद्यालय में कार्यरत पुरुष प्राध्यपक जो अनुसूचित जाति के हैं उनको डा अभिनव द्विवेदी तथा उनके लोग प्रताड़ित कर रहे हैं जबकि अनुसूचित जाति के पुरुष प्रध्यापक पठन पाठन इत्यादि में रुचि रखते हैं। महाविद्यालय का वातावरण अभिनव द्विवेदी और उनके लोगों द्वारा अत्यन्त दूषित किया जा रहा हैं।
प्रोफेसर द्वय ने आरोप लगाया है कि 15 सितम्बर 2025 को सांय 2.25 पीएमजीडीसी गोसाईखेडा, उन्नाव के महाविद्यालय के ग्रुप में समस्त प्राध्यापको की उपस्थिति पंजिका एवं अन्य गोपनीय दस्तावेजो को डा अभिनव द्विवेदी ने महाविद्यालय ग्रुप और सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार एवं प्रसारित किया जा रहा हैं, तथा व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रचार किया जा रहा हैं। महाविद्यालय की समस्त प्राध्यापक उपस्थित पंजिका का व अन्य गोपनीय दस्तावेजो गैर कानूनी रुप से दुरूपयोग करके अनुसूचित जाति के प्रध्यापको के विरुद्ध विशेष रुप से सोशल मीडिया में प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं जो अत्यन्त गंभीर मामला और चिंताजनक है।
प्रोफेसर द्वय ने बताया कि महाविद्यालय में कार्यरत अन्य प्राध्यापको के विषय में भी भ्रामक निराधार सूचनाएं सोशल मीडिया में डा अभिनव द्विवेदी एवं उनके समर्थक टीम द्वारा प्रचारित किया जा रहा हैं, जो कि उक्त प्रध्यापक (डा अभिनव द्विवेदी व उनकी टीम) पर कड़ी से कडी कानूनी कार्यवाही किया जाना न्याय संगत होगा।
हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो (डा) आरपी वर्मा अनुसूचित
जाति के प्रध्यापक (पुरुष) है, को मानसिक रुप से प्रताडित कर रहे हैं। महाविद्यालय के अति गोपनीय दस्तावेजो/ सूचानाऐ लीक हो रही हैं,जो कि शिक्षक, कर्मचारियों और महाविद्यालय के हित में नही हैं,और महाविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है, महाविद्यालय में अध्यनरत छात्र /छात्राओ के पठन पाठन पर गहरा असर पड रहा हैं, और महाविद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक महौल अत्यन्त खराब हो रहा हैं। राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली- 1956 का उल्लघन किया जा रहा हैं।
प्रोफेसर द्वय ने बताया कि आपके संज्ञान में यह भी लाना चाहता हूं कि महाविद्यालय से गोपनीय पत्रजातो का महाविद्यालय के किन व्यक्तियो द्वारा बाहरी व्यक्तियो को और कभी ग्रामीणो को और कभी स्थानान्तरण हुए प्रध्यापक (डा अभिनव द्विवेदी) को दिया जा रहा हैं। महाविद्यालय का ग्रुप बना हैं। वह ग्रुप केवल महाविद्यालय के कार्यरत प्राध्यापको एवं कर्मचारियो के लिए बना हैं। सात अपैल 2025 को थाना असोहा, उन्नाव में अभिनव द्विवेदी की टीम (विवेक तिवारी व अन्य) के विरुद्ध डा आरपी वर्मा और डा जितेन्द्र कुमार द्वारा एक प्रार्थनापत्र दिया गया था, जो कि अभिनव और उनकी समर्थक टीम द्वारा दबाव डालकर जबरन समझौता करा दिया जो कि पीडित अनुसूचित जाति के प्राध्यापको के विरुद्ध न्यायोचित नही था। डा अभिनव द्विवेदी व उनकी टीम द्वारा हम लोगो के विरुद्ध झूठे मुकदमो में फंसाया जा सकता हैं, और मनगढन्त आरोपो को लगाकर सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल किये जाने का प्रयास किया रहा हैं। अभिनव द्विवेदी व उसकी टीम द्वारा षडयन्त के तहत कूट रचित ढंग से झूठी कहानी बनाकर प्रोफेसर (डा ) आरपी वर्मा और डा जितेन्द्र कुमार को परेशान करने की नियत से कल्पित ग्रामीणो के नाम से फर्जी शिकायत पत्र दिया गया जिसकी जांच के उपरान्त यह पाया गया कि अभिनव द्विवेदी द्वारा तथा उनके समर्थक टीम द्वारा की गयी झूठी शिकायत गलत पायी गयी हम लोग निर्दोष पाये गये जिसके कारण हम लोगो की मानहानि हुई हैं।
प्रोफेसर द्वय ने बताया कि हमेशा अभिनव द्विवेदी की समर्थक टीम डा आरपी वर्मा व डा जितेन्द्र कुमार के विरुद्ध असत्य व मनगढन्त आरोप लगाकर उच्च अधिकारियो के समक्ष भिन्न-भिन्न तथ्य अंकित करके प्रार्थनापत्र दिया जा रहा हैं, और उनके टीम द्वारा हम लोगो को मानसिक रुप से प्रताणित किया जा रहा हैं। हम लोगो की जान माल का खतरा बना हुआ हैं। अभिनव द्विवेदी की समर्थक टीम के सदस्य दारु (शराब) पीकर महाविद्यालय में घूमते रहते हैं। कभी भी इनके द्वारा षडयन्त्र के तहत जानलेवा हमला किया जा सकता हैं।
प्रोफेसर द्वय ने कार्यवाहक प्राचार्य से अनुरोध किया हैं कि अभिनव द्विवेदी (सहायक प्रो० रसायन विज्ञान) राजकीय महाविद्यालय गोसाईखेडा उन्नाव से स्थान्तरण हुए राजकीय महिला महाविद्यालय भरापुरा अलीगंज एटा उप्र तथा उनके समर्थक टीम के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने का कष्ट करें, और आपसे यह आशा हैं कि आप चूंकि इस महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य हैं आपसे यह अपेक्षा की जाती हैं कि भविष्य में इस मामले की पुनरावृत्ति ना हो और महाविद्यालय में पठन पाठन का महौल बन सकें जिससे महाविद्यालय के हित में और छात्र/छात्राओं के हित में अच्छा वातावरण बना रहें।