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सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का राज्यपाल ने की आकस्मिक निरीक्षण,’शास्त्रार्थ परम्परारू शास्त्रों के संरक्षण और संवर्धन का माध्यम-आनंदीबेन पटेल, कुलाधिपति- राज्यपाल’

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वाराणसी।शास्त्रार्थ परम्परा शास्त्रों के संरक्षण और संवर्धन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से शास्त्रों के अमृत तत्वों का प्रवाह होता है और शास्त्रों की गहराई और विस्तार को समझने का अवसर मिलता है। शास्त्रार्थ का प्रचार-प्रसार दूर तक होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग शास्त्रों के ज्ञान से लाभान्वित हो सकें और शास्त्रों की महत्ता को समझ सकें।
उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलाधिपति- राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज गुरूवार को पूर्वाह्न 11र:30 बजे विश्वविद्यालय के पुरातत्व संग्रहालय, पाणिनि भवन सभागार, परीक्षा भवन, ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र, पांडुलिपि संरक्षण केन्द्र, प्रकाशन संस्थान, विक्रय विभाग एवं केन्द्रीय कार्यालय का कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के साथ सूक्ष्मता से निरीक्षण करते हुए व्यक्त किया।राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने पाणिनि भवन के अन्दर चल रहे व्याकरण की कक्षा में जाकर विद्यार्थियों के साथ सूक्ष्मता से व्याकरण के आचार्य कक्षा में विद्यार्थियों ने लघुशब्देन्दुशेखर ग्रन्थ पर ष्रामष् शब्द पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संस्कृत भाषा के साथ-साथ हिन्दी में भी अपने विचार प्रस्तुत किए।इस ग्रन्थ के माध्यम से विद्यार्थियों ने शास्त्रीय ज्ञान को परिभाषित किया।ज्योतिष विभाग में निरीक्षण के दौरान परम्परा के अनुसार दरी पर बैठे विद्यार्थियों को देखकर प्रसन्नता के साथ लघु पाराशरी ग्रन्थ पढ़ रहे छात्रों से उनके परिचय को प्राप्त कर उक्त ग्रन्थ पर सम्यक जानकारी प्राप्त कर ज्योतिष विषय में कुण्डली, हस्तरेखा आदि विषयों पर भी सम्यक जानकारी लेते हुए ज्योषित में ग्रहों की शान्ति के जो उपाय हैं उनको जानने को निर्देश दिया प्रतिष्ठित पण्डित मुरारी लाल शर्मा यंत्रालय में वहां रखे 18 विभिन्न यंत्रों का सूक्ष्मता से अवलोकन कर अपनी जिज्ञासा भी व्यक्त की जिसके सम्बन्ध में ज्योतिष शास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो अमित कुमार शुक्ल ने विस्तार से याम्योत्तर, एस्ट्रोलैब आदि के बारे बताया।महामहिम राज्यपाल के दक्षिणी द्वार पर प्रवेश के दौरान कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा एवं कुलसचिव राकेश कुमार ने परंपरानुसार स्वागत और अभिनन्दन किया। कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि महामहिम ने संपूर्ण परिसर की स्वच्छता और व्यवस्था तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर संतोष जाहिर की।प्रथम बार कुलपति कार्यालय में आकर कार्यालय की वास्तविक स्थिति पर अत्यन्त प्रसन्नता व्यक्त किया साथ ही यहां चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त किया।निरीक्षण के दौरान कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो॰ दिनेश कुमार गर्ग , प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो रमेश प्रसाद, डॉ दिव्याचेतन ब्रह्मचारी, डॉ मधुसूदन मिश्र, अभियंता रामविजय सिंह,डॉ विमल त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।