Home उत्तर प्रदेश हक, हिस्सेदारी और पहचान की तलाश

हक, हिस्सेदारी और पहचान की तलाश

लखनऊ में जुटेंगे पसमंदा समाज के चिंतक
PRAYAGRAJ NEWS: पसमंदा समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक न्याय, धार्मिक भागीदारी और भविष्य की रणनीति पर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन करने के उद्देश्य से 13 जून 2026 को लखनऊ स्थित प्रेस क्लब में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक राष्ट्र स्तरीय पसमंदा मुस्लिम चिंतन कार्यशाला आयोजित की जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों से सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, धार्मिक विद्वान, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और राजनीतिक विश्लेषक इस महत्वपूर्ण विचार-विमर्श में भाग लेंगे। ऐसे समय में जब सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास के प्रश्न राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं, यह कार्यशाला पसमंदा समाज की वास्तविक समस्याओं और आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विमर्श में प्रमुखता से स्थापित करने का प्रयास करेगी। कार्यशाला में शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक हिस्सेदारी, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भेदभाव, धार्मिक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व तथा सरकारी योजनाओं में प्रभावी भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ ने कहा कि पसमंदा समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद उसकी सामाजिक, राजनीतिक और संस्थागत भागीदारी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला उन मुद्दों को गंभीरता से उठाने का मंच बनेगी, जो समाज के वंचित तबकों के सम्मान, अधिकार और बराबरी से जुड़े हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहम्मद युनुस ने कहा कि पसमंदा समाज के सामने शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व निर्माण की चुनौतियां आज भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि समाज के विभिन्न वर्ग एक साझा मंच पर आकर अपने भविष्य की दिशा तय करें। कार्यशाला का उद्देश्य केवल समस्याओं की पहचान करना नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान और भावी कार्ययोजना तैयार करना भी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ करेंगे, जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुहम्मद युनुस और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शरीक अदीब अंसारी समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे।
कार्यशाला में प्रमुख अतिथियों के रूप में मौलाना डॉ. मुफ्ती ओबैदुल्लाह कासमी, मौलाना जफरुल हसन जलालपुरी, डॉ. अनीस अंसारी (पूर्व आईएएस एवं पूर्व कुलपति), प्रो. मसूद आलम फलाही, चैधरी कैफुलवरा अंसारी, मंजूर अली अंसारी (एडीजी, सीबीआईसी), हिफजुर्रहमान, शमीम अख्तर अंसारी, मुहम्मद जुनैद अंसारी तथा एम. रशीद सहित देशभर की अनेक प्रमुख हस्तियां अपने विचार रखेंगी।