Home उत्तर प्रदेश विज़न इंडिया का प्रयागराज सम्मेलन ध्वस्त शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर मंथन

विज़न इंडिया का प्रयागराज सम्मेलन ध्वस्त शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर मंथन

शिक्षा अच्छी होगी, परीक्षा सच्ची होगी तो तरक़्क़ी पक्की होगी:अखिलेश यादव
PRAYAGRAJ NEWS:  देश के शिक्षा-परीक्षा क्षेत्र की समस्याओं पर “विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट” समिट सीरीज़ का नवीनतम संस्करण प्रयागराज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “विज़न इंडिया” समिट सीरीज़ की परिकल्पना समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, दूरदर्शी नेता श्री अखिलेश यादव द्वारा की गई है। इस सम्मेलन में भारतीय शिक्षा-परीक्षा प्रणाली की दुर्दशा पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञों, युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों को एक साथ लाया गया। इस सुपर सेशन में मुख्य अतिथि श्री अखिलेश यादव के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन भी उपस्थित रहे। अखिलेश यादव ने विस्तार से बात की कि कैसे हर क़दम पर शामिल भ्रष्ट लोगों की वजह से भारत की शिक्षा-परीक्षा प्रणाली के भीतर घोटाले होते हैं। उन्होंने कहा, “शिक्षा भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। शिक्षा का बजट लगातार घट रहा है। पाठ्यक्रमों पर एक नकारात्मक विचारधारा थोपी जा रही है। शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का इतना दबाव है कि उनकी जान तक जा रही है। प्राइवेट शिक्षा से साठगांठ की वजह से सरकारी स्कूल, संस्थान जानबूझकर बंद किये जा रहे हैं।” परीक्षा कि एहमियत पर अखिलेश यादव जी ने बोला, “हर शिक्षा परीक्षा के बिना अधूरी है। पेपर बनाने वाले से लेकर रिज़ल्ट आने तक, नकल और घोटाले की पूरी चेन चलती है। शुरू होता है पेपर सेटर से — जो लाखों में पेपर बेच देता है या कोचिंग को पहले ही बता देता है कि क्या आएगा। फिर अनुवादक के हाथ में पेपर आते ही गलत ट्रांसलेशन होता है या पेनड्राइव में कॉपी करके लीक कर दिया जाता है। प्रिंटिंग प्रेस में एक्स्ट्रा कॉपी छपती है, फाइनल प्रूफ की फोटो खींच ली जाती है, और रात के अंधेरे में गोदाम से बंडल गायब हो जाता है। रास्ते में ट्रक बदल दिया जाता है, सील गर्म करके खोल दी जाती है, कस्टोडियन ही मिलीभगत कर लेता है।”
उन्होंने आगे कहा, “सेंटर पहुँचते-पहुँचते स्ट्रॉन्ग रूम की डुप्लीकेट चाबी बन जाती है, सीसीटीवी घुमा दिया जाता है, और आखिरी वक्त पर ‘सेटिंग वाला’ वल्नरेबल सेंटर अलॉट कर दिया जाता है।”
अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि, “परीक्षा के दिन सॉल्वर बैठा दिया जाता है — एडमिट कार्ड पर फोटो बदलकर, बायोमेट्रिक बायपास करके। पूरे हॉल में मास कॉपी होती है, टीचर खुद बोलकर लिखवाते हैं, किसी को तीन घंटे की जगह चार घंटे मिल जाते हैं। पेपर के बाद असली कॉपी फेंककर सॉल्वर की कॉपी लगा दी जाती है, खाली OMR भर दी जाती है। चेकिंग में रोल नंबर देखकर नंबर बढ़ा दिए जाते हैं, फेल को पास की मार्कशीट थमा दी जाती है। यहाँ तक कि रिज़ल्ट सर्वर हैक करके मार्क्स बदल दिए जाते हैं, और री-चेकिंग के नाम पर पैसे लेकर नंबर बढ़ा दिए जाते हैं।” विषय के समापन पर श्री यादव ने कहा, “यानी पेपर सेटर से लेकर रिज़ल्ट तक, हर कड़ी पर पैसे, पहुँच और मिलीभगत से पूरा सिस्टम बिक जाता है — और बर्बाद होती है सिर्फ़ मेहनत करने वाले बच्चे की एक नहीं, आने वाली कई पीढ़ी। परीक्षा से स्टूडेंट्स एक क्लास से दूसरे क्लास में प्रमोट होते हैं, उनके Marks उनको good, better, best में define करते हैं, Entrance Exam से वो जनरल डिग्री तक पहुँचते हैं, प्रोफ़ेशनल टेस्ट से डॉक्टर, इंजीनियर बनते हैं; जॉब और Recruitment Exams से नौकरी पाते हैं… मतलब हर जगह Exam देना ही पड़ता है।” “लेकिन आज का दुर्भाग्य ये है कि Examination System ही फेल हो गया वो किसी और को क्या पास करेगा?” अखिलेश यादव जी ने पुछा।  अखिलेश यादव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि “विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट” शिखर सम्मेलन श्रृंखला का उद्देश्य भारत के विकास के लिए रचनात्मक, व्यावहारिक और लाभकारी विचारों को बढ़ावा देना है, जिसमें समावेशी विकास और संतुलित प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समारोह का आयोजन, अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन सांसद डॉ. राजीव राय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन आईआईएम अहमदाबाद के प्रोफेसर, उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक और कौशल विकास मंत्री डॉ. अभिषेक मिश्रा ने किया.