आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन ने राज्यपाल को संबोधित एडीएम को सौंपा ज्ञापन
LUCKNOW NEWS: आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन के बैनरतले शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने यहां जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम व लखनऊ में बीती सत्रह मई को चेंबर तोड़े जाने की घटना को लेकर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराए जाने सम्बन्धी मांग पत्र अपर जिलाधिकारी संगीता पाण्डेय को सौंपा। अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक पारित कराए जाने के समर्थन में नारेबाजी करते अधिवक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने प्रदेश के राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल को संबोधित एसोसिएसन की ओर से अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश भर में अधिवक्ताओं पर प्राण घातक हमलो, कई जिलो मे हुई साथियों की हत्याओं और अधिवक्ताओं के पुलिसिया उत्पीड़न की घटनाओं को देखते हुए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक सरकार से अविलम्ब पारित कराए जाने की मांग उठाई गयी। वहीं ज्ञापन में बीती सत्रह मई को लखनऊ कचहरी के समीप बिना पूर्व नोटिस के अधिवक्ताओं के चेंबर तोडे जाने तथा पुलिस लाठीचार्ज को लेकर नगर निगम, जिला पुलिस प्रशासन, सरकार के उच्चस्थ अधिकारियों की भूमिका एवं घायल अधिवक्ताओं को उपचार के लिए वित्तीय सहायता को लेकर इस घटना की हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश से जांच कराये जाने की भी आवाज उठायी गयी है। इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कचेहरी परिसर में एसोसिएसन की आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में गोण्डा, फतेहपुर, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में अधिवक्ताओं की हत्याएं हुई है। उन्होने कहा कि इन हत्याओं को लेकर सरकार एक भी आरोपियों के घर बुल्डोजर नही भेज पायी। उन्होने कहा कि प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में यदि सरकार ने अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक पारित नहीं कराया तो एसोसिएसन तीसरे चरण में अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा के जरिए प्रदेशव्यापी आंदोलन का फिर बिगुल बजाएगा। सभा की अध्यक्षता लखनऊ मण्डल अध्यक्ष आनंद त्रिपाठी व संचालन जिलाध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी ने किया। सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीकांत तिवारी, अंकित, जितेन्द्र शर्मा, टीपी त्रिपाठी, कौशलेंद्र वर्मा, महेन्द्र शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर डीपी सिंह, विकास शर्मा, आनन्द दीक्षित, गिरीश मिश्र, अनीता वर्मा, सिमरन परवीन, जेके शुक्ला आदि अधिवक्ता रहे।







