BALRAMPUR NEWS: (कमाल खान) बलरामपुर के खम्हुआ गांव में घरेलू विवाद सुलझाने गई पीआरवी टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने चार नामजद सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना 24 जुलाई 2026 की शाम को हुई
पीआरवी-5038 पर तैनात सिपाही दीपक कुमार राय और सिपाही मोहम्मद आरिफ गश्त पर थे, तभी उन्हें शाम 4:29 बजे खम्हुआ स्थित ईदगाह के पास घरेलू विवाद की सूचना मिली। सूचना देने वाली महिला नजजो ने आरोप लगाया था कि उसके पति और ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। उसने यह भी बताया कि उसकी बच्ची को भी उससे अलग कर लिया गया है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में लोग जमा थे।
पीड़ित महिला भीड़ के बीच घिरी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने महिला को सुरक्षित बाहर निकालने और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने का प्रयास किया। इसी दौरान सद्दाम उर्फ बैल नामक युवक मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगा। पुलिस ने उसे रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। एफआईआर के अनुसार, इसके बाद समरुद्दीन, सद्दाम उर्फ बैल, फखरुद्दीन, सिराज और उनके साथ मौजूद कुछ महिलाओं व अन्य लोगों ने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने पास रखे लकड़ी के पटरे और डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। हमले में सिपाही दीपक कुमार राय एवं मोहम्मद आरिफ घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने किसी प्रकार स्वयं को सुरक्षित निकालते हुए घटना की सूचना कोतवाली देहात पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति पर नियंत्रण स्थापित किया गया।
घायल सिपाही दीपक कुमार राय की तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात पुलिस ने समरुद्दीन, सद्दाम उर्फ बैल, फखरुद्दीन और सिराज को नामजद करते हुए दो-तीन अज्ञात महिलाओं और 8 से 10 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, धमकी एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा उपलब्ध वीडियो फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।







