JALAUN NEWS: बुंदेलखंड के प्रसिद्ध पंचनद संगम पर इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बड़े उल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। जिले के अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि यह पावन अवसर श्रद्धालुयों के लिए सुरक्षित और सुगम रहे। कई दिनों से चल रही तैयारियों के पूर्ण हो जाने के बाद, लाखों भक्तों ने संगम में डुबकी लगाई और यमुना आरती के साथ ही भगवान पंचनदा की पूजा-अर्चना की।अपनी भव्यता, धार्मिक महत्ता और परंपराओं के लिए मशहूर इस मेले में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। रात 12 बजे से ही स्नान का सिलसिला शुरू हुआ और सुबह तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाकर पाप त्यागे और आस्था का जीबी शक्ति अर्जन किया। इस दौरान आतिशबाजी की भव्य प्रस्तुतियों ने मेले की रौनक और बढ़ा दी। श्रद्धालुओं का कहना था कि यहाँ का स्नान पर्व न सिर्फ धार्मिक है, बल्कि लोक परंपरा और भाईचारे का प्रतीक भी है।प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति भी घाटों पर कड़ा ध्यान दिया गया। सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए हैं, जिसमें नाविक, पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे, चिकित्सा और अग्निशमन सेवाएं शामिल हैं। जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और घाटों, रास्तों, स्नान घाटों और आरती काफ़ी ओर अधिक सजावट की गई है।इस पर्व का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक अनुष्ठान का सही संचालन सुनिश्चित करना है। मेले में लगभग एक लाख श्रद्धालु शामिल हुए, और यह आयोजन बुंदेलखंड का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव माना जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी है। आगामी दिनों में भी यह संतोषजनक उत्साह के साथ चलता रहेगा।







