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नौबस्ता गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे, दो होमगार्ड के सहारे हजारों श्रद्धालु

बैरिकेडिंग, गोताखोर, रेस्क्यू टीम और मूलभूत सुविधाओं का अभाव, ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने की करी मांग
FATEHPUR NEWS: (शीबू खान) सावन माह में गंगा स्नान के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौबस्ता गंगा घाट पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभागों की तैयारियां नाकाफी नजर आ रही हैं। खागा तहसील के थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र स्थित नौबस्ता गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था महज दो होमगार्डों के भरोसे संचालित हो रही है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार घाट पर गहरे पानी वाले स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। वहीं प्रशिक्षित गोताखोर, रेस्क्यू टीम और नाव की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। यदि कोई श्रद्धालु गहरे पानी में चला जाए तो तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई है। इसके अलावा घाट पर सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार केंद्र, एंबुलेंस, महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, पेयजल और सार्वजनिक शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। घाट की नियमित सफाई और कूड़ेदानों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। गहरे पानी वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां बैरिकेडिंग, सुरक्षा रस्सियां और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों, रेस्क्यू टीम और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। वहीं स्थानीय लोगों सहित ग्राम प्रधान आदि ने भी प्रशासन से जल्द घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं जनसुविधाओं की सभी कमियों को दूर कराने की मांग की है, ताकि सावन में आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में गंगा स्नान कर सकें।
प्रधान ने उठाई सुरक्षा बढ़ाने की मांग
ग्राम प्रधान गुरु निषाद ने कहा कि घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पुलिस बल बढ़ाने, प्रशिक्षित गोताखोरों, नाव और रेस्क्यू टीम की तैनाती के साथ-साथ प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम और प्राथमिक उपचार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी हादसे के बाद नहीं, बल्कि पहले से प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए।
क्या बोले जिम्मेदार –
गंगा स्नान के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, सुरक्षा के लिहाज से सोमवार से पूर्व यानी रविवार की शाम से ही समुचित व्यवस्था की जाती है और क्षेत्रीय अधिकारियों एवं पुलिस बल को भी सक्रिय किया जाता ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके और रही बात आम दिनों की तो घाट पर जल बहाव के कारण स्थायी व्यवस्था नहीं हो रही है जिसके लिए नहर विभाग तथा संबंधित खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है लेकिन स्थानीय पुलिस एवं गोताखोरों के सहयोग से अस्थायी रूप से रस्सी आदि बांधकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाया जा रहा है, फिर भी स्थानीय प्रशासन को भेजकर तत्काल कार्य कराए जाएंगे ताकि कोई घटना न घटित हो सके। – अश्वनी पाण्डेय, उप जिलाधिकारी, खागा