घटिया निर्माण सामग्री और कार्य में शिथिलता मिलने पर अधिशाषी अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण
डीएम ने मानकों के अनुरूप समय से कार्य पूरा करने के दिए निर्देश
FATEHPUR NEWS: जिले में संचालित निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मंगलवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्माण सामग्री का बारीकी से परीक्षण किया। निरीक्षण में निर्माण कार्य की गति धीमी मिलने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन में प्रयुक्त की जा रही सामग्री का मौके पर अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली और कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है तथा उपयोग की जा रही कुछ निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। गुणवत्ता में कमी और निर्माण कार्य में शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (यूपीआरएनएसएस) के अधिशाषी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि निर्माण में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सहायक अभियंता को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए तय समय-सीमा के भीतर भवन को पूर्ण कराया जाए, ताकि इसका लाभ समय पर विद्यार्थियों और संस्थान को मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और समय-समय पर गुणवत्ता की जांच भी सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पॉलिटेक्निक परिसर में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भवन का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को आधुनिक संसाधनों से सशक्त बनाना तथा विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर प्रशासन विशेष रूप से गंभीर है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को निर्धारित समय में पूरा कराया जाए, ताकि भवन का उपयोग शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।







