PRAYAGRAJ NEWS: करेली क्षेत्र के जमीर नगर, करेलाबाग और बी-ब्लॉक से होकर गुजरने वाले घाघरा नाले में सिल्ट, घरेलू कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का अंबार लगने से स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। नाले से उठ रही दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले सैकड़ों परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग अपने घरों की गंदगी और कूड़ा सीधे नाले में डाल रहे हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा जलभराव का खतरा बढ़ जाता है।
पूर्व अपर महाधिवक्ता कमरुल हसन ने कहा कि यह मामला केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से तत्काल नाले की सफाई और स्थायी समाधान की मांग की। सरफराज हुसैन ने बताया कि क्षेत्रवासी कई बार स्थानीय पार्षद और नगर निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। रियाज सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि सफाई निरीक्षक को भी बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। एहतिशाम अहमद ने कहा कि नाले से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। वहीं रेशमा खातून ने कहा कि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं तथा क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि घाघरा नाले से तत्काल सिल्ट और कूड़ा हटाकर व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय नागरिक जनप्रतिनिधियों और नगर निगम अधिकारियों के समक्ष सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराएंगे। रेशमा खातून सहित क्षेत्र के अनेक नागरिकों ने नगर निगम से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।







