JAUNPUR NEWS: कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई। जनपद प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने मीडिया से बातचीत में अधिनियम पारित न हो पाने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया और इसे नारी शक्ति का अपमान बताया। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने कहा, “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:”—जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का स्थान दिया गया है और देश की समृद्धि में उनका योगदान अहम है। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को अधिकार दिलाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अभियान शुरू किया गया। वर्ष 2023 में इस दिशा में पहल हुई और हाल में संशोधन कर इसे कानूनी रूप देने की तैयारी थी। इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी प्रस्तावित था, लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के कारण अधिनियम पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर महिलाओं में आक्रोश है और सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है। “जब तक महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, हमारा प्रयास जारी रहेगा,” उन्होंने कहा। साथ ही मीडिया से अपील की कि इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए। प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा, मड़ियाहूं विधायक डॉ. आर.के. पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, डॉ. अजय सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मीडिया कर्मी मौजूद रहे।







