Home उत्तर प्रदेश नारी को नारा बनाकर इस्तेमाल कर रही सरकार : डॉ रागिनी

नारी को नारा बनाकर इस्तेमाल कर रही सरकार : डॉ रागिनी

विधानसभा में डॉ. रागिनी सोनकर ने सरकार पर किया तीखा हमला
महिला सुरक्षा, बढ़ते अपराध और आरक्षण मुद्दे पर सरकार को घेरा; कई जिलों की घटनाओं का किया ज़िक्र
JAUNPUR NEWS: उत्तर-प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान मछलीशहर से समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने गुरुवार को महिला सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। विधायक ने कहा कि भाजपा  की सरकार संसद में नेहरू और विधानसभा में नेताजी मुलायम सिंह यादव को कोसती है। यही सरकार का धंधा है और सारा काम मंदा है। उन्होंने महिलाओं के लिए 33% का आरक्षण न देने पर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव की देन है कि उन्होंने महिलाओं को प्रधान से लेकर ब्लॉक प्रमुख से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार से महिलाओं का नेतृत्व देखा नहीं जाता है। वर्तमान सरकार ने महिलाओं के आरक्षण को दर किनार करके नारी को नारा बनाकर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व कर रही थी तो सरकार ने चुनाव को ही टाल दिया। उन्होंने सरकार पर महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सदन में महिला विधायकों को समान अवसर नहीं दिया जाता है तो धरातल की क्या बात की जाए। उन्होंने सरकार द्वारा विपक्ष के विधायकों को विकास कार्यों की निधि के लिए सत्ता पक्ष के विधायकों को करोड़ों का बजट दिया और विपक्ष के बजट को काट रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार में पंचायत सहायक, रसोईया, समूह की महिलाएं बेरोजगार युवतियां रो रही हैं। उन्होंने कहा कि 403 विधानसभाओं में सरकार 33 के बजाय 50 फ़ीसदी आरक्षण लागू करे तो समूचा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है लेकिन सरकार महिलाओं के साथ षडयंत्र कर रही है। सरकार विधानसभा को तोड़ना चाहती है। 2011 की जनगणना से इस समय  आरक्षण लागू करना चाहती है। यह सरकार नियम कानून से नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर चर्चा केवल बहाना मात्र है। सरकार केवल आरक्षण का ढोल पीट रही है।
सदन में बोलते हुए डॉ. रागिनी सोनकर ने कहा, “मैं यूपी की नारी हूं, हर रोज सताई जाती हूं। राम राज्य का झांसा देकर बलि चढ़ाई जाती हूं। सिंदूर, कोख और इज्जत नोंच जिंदा लाश बनाई जाती हूं।” उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल गंभीर हो गया।
उन्होंने प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रही जघन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, बुलंदशहर, हाथरस, सुल्तानपुर, मथुरा, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, कौशांबी और बनारस जैसे जिलों में बलात्कार, हत्या और उत्पीड़न के मामलों को उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विफल रही है
विधायक ने कहा कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार को महिलाओं की चिंता होती, तो सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल की अधिसूचना ढाई वर्ष तक लंबित नहीं रहती। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि “महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली सरकार ही उनके जिंदा जलने पर देखने तक नहीं जाती।” भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल के जलने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके हालचाल जानने सबसे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहुंचे, जबकि सत्ता पक्ष के नेता बाद में पहुंचे। इस पर उन्होंने सरकार पर तंज भी कसा। उन्होंने पंचायत सहायकों, रसोइयों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और बेरोजगार युवतियों की समस्याओं को भी उन्होंने प्रमुखता से उठाया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नियम-कानूनों की अनदेखी कर रही है।