FATEHPUR NEWS: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की मूल भावना के अनुरूप दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को विकास भवन सभागार में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दूरदराज के ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों को जागरूक करना, उनके साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करना तथा उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना रहा। मोबाइल कोर्ट के दौरान दिव्यांग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण तथा दिव्यांग पेंशन से संबंधित कुल 70 दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। राज्य आयुक्त ने दिव्यांग प्रमाण पत्र (यूडीआईडी) से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सप्ताह में दो दिन यूडीआईडी प्रमाण पत्र बनाए जाएं। साथ ही मेडिकल बोर्ड में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत चिकित्सकों को शामिल न किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। मौके पर ही दो दिव्यांगजनों के दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए। राशन कार्ड से संबंधित शिकायतों पर जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया कि दिव्यांगजनों के राशन कार्ड बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और उनके आवेदन प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाएं। इस दौरान चार दिव्यांगजनों का राशन कार्ड के लिए पंजीकरण भी किया गया। दिव्यांगजनों के आवास संबंधी मामलों में परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि प्राप्त आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। दिव्यांग पेंशन एवं सहायक उपकरणों के संबंध में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी पात्र दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। मोबाइल कोर्ट के दौरान 15 दिव्यांग बच्चों को एमआर किट तथा 20 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित कर उनके प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने राज्य आयुक्त को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का संबंधित विभागों द्वारा पूरी गंभीरता से पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के हित में किए जा रहे ऐसे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं और इससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में राज्य आयुक्त ने दिव्यांगजनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए सभी अधिकारियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और मोबाइल कोर्ट का समापन किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, अग्रणी जिला प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







