लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजरों पर होगी कार्रवाई, अधूरे कार्यों को समय सीमा में पूरा करने की चेतावनी
SIDHARTHNAGAR NEWS: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में कैम्प कार्यालय पर जिला स्तरीय पोषण समिति और जिला कन्वर्जेस समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में विगत माह की अनुपालन आख्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शत-प्रतिशत फेस वैरिफिकेशन का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत तेजी से फीडिंग कराकर लाभार्थियों को समय पर लाभ दिलाया जाए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और सैम-मैम (कुपोषित) बच्चों का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने टेक होम राशन (टीएचआर) को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि टीएचआर प्लांट द्वारा प्रतिदिन उत्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को टीएचआर प्लांट का नियमित रूप से निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए, ताकि सभी लाभार्थियों तक पोषाहार का समय पर वितरण हो सके। समारोह और अभियानों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विलेज हेल्थ सैनिटेशन एंड न्यूट्रिशन डे (वीएचएनडी/बीएचएनडी) के माध्यम से सैम और मैम श्रेणी के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही गंभीर रूप से कुपोषित (सैम) बच्चों को चिन्हित कर तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। बीएचएनडी दिवस पर पोषाहार वितरण के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराकर उसकी फीडिंग ई-कवच और पोषण ट्रैकर पोर्टल पर दर्ज की जाए। इस कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम की आपसी समन्वय बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं। जिलाधिकारी ने समस्त सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को समय से पुष्टाहार वितरित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले और काम न करने वाले सुपरवाइजरों को चिन्हित कर उन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बैठक में पोषण ट्रैकर के तहत ‘होम विजिट’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण वाटिका का सूक्ष्म मरम्मत कार्य और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द विभाग को हैण्डओवर करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में डीसी मनरेगा संदीप सिंह, डीसी एनआरएलएम देवनंदन दुबे, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव सहित समस्त सी.डी.पी.ओ., सुपरवाइजर और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।







