एमपीवीएम में रवींद्र नाथ टैगोर जयंती पर भव्य समारोह संपन्न
PRAYAGRAJ NEWS: महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर (एमपीवीएम) में गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन आज किया गया। शिक्षा का लक्ष्य छात्रों के सर्वांगीण विकास में निहित है। छात्रों को ऐसी शिक्षा देनी चाहिए जो उन्हें पुस्तकीय एवं कृत्रिम बंधनों से मुक्ति प्रदान कर सके और उनके अन्तर्निहित गुणों को विकसित करने में सहायक हो। ऐसी विराट भावना के जनक, राष्ट्र गान के रचयिता, संवेदनशील कवि, शिक्षाविद् एवं दर्शन शास्त्री गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अल्पना डे ने विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में निश्चित ही साहित्य, कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करती हैं। उन्होने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर के विचारों एवं कार्यों को आत्मसात् करके हम एक सुयोग्य नागरिक के रुप में देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन कर सकेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए कक्षावार विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के शिक्षा दर्शन, विचारों एवं कार्यों से छात्रों को परिचित कराना था। विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के अंतर्गत जहां कक्षा 1 के नन्हें – मुन्ने बच्चों के लिए ‘ड्राइंग एवं कलरिंग’ की प्रतियोगिता रखी गई। कक्षा 2 के बच्चों के लिए ‘स्टोरी टेलिंग’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 3 के बच्चों के लिए रवींद्र नाथ टैगोर के सुप्रसिद्ध विचारों को लिपिबद्ध करने (कोट लाइन राइटिंग) एवं कक्षा 4 के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, कक्षा 5 के बच्चों लिए काव्य- पाठ आयोजित किया गया। कक्षा 9 के विद्यार्थियों ने ‘कोट इंटरप्रिटेशन’ गतिविधि के अंतर्गत टैगोर जी के विचारों एवं उद्धरणों को अपने शब्दों में प्रस्तुत किया वहीं कक्षा 10 के छात्रों ने ‘ड्रामेटिक रीडिंग प्रतियोगिता’ में टैगोर की कविताओं का अभिनयपूर्ण वाचन किया।इसी श्रृंखला में कक्षा 11 के विद्यार्थियों ने ‘बुक रिव्यू’ गतिविधि के अंतर्गत रवींद्र नाथ टैगोर की ‘लघु कहानियों’ की सुंदर समीक्षा प्रस्तुत की। समारोह के मुख्य आकर्षण का केंद्र था- कक्षा 12 के छात्रों द्वारा रवींद्र नाथ टैगोर की सुप्रसिद्ध कहानियों – काबुलीवाला,तोता, रक्त करबी, शुभा जैसी सुविख्यात रचनाओं पर आधारित नाट्य मंचन। विद्यालय की सचिव डाॅ कृष्णा गुप्ता ने कहा कि हमें गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के जीवन दर्शन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने भीतर विश्व बंधुत्व की विराट चेतना का विकास करना होगा, तभी हम शिक्षा के विराट उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल हो सकेंगे,क्योंकि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शिक्षा का उद्देश्य मानव को मानव से जोड़ना है।







