AMETHI NEWS: अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में शताब्दी वर्ष 2026 के आयोजनों की श्रृंखला में “कन्या कौशल शिविर” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन आयोजित कन्या कौशल संगोष्ठी का उद्देश्य कन्याओं के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण एवं आत्मनिर्भरता की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इंद्रदेव शर्मा एवं जगन्नाथ ने प्रज्ञा गीत संस्कृति रही कराह न मेरा रूप बिगाड़ो रे की भावपूर्ण प्रस्तुति कर नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर “भारतीय संस्कृति और युवा भारत” विषय पर रमेश सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़कर ही सशक्त राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इंदिरा गांधी स्कूल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग की जी॰एन॰एम॰ की तृतीय वर्ष की छात्राओं द्वारा माहवारी सुरक्षा और स्वच्छता विषय पर आधारित प्रभावशाली नाट्य मंचन एवं कठपुतली नाट्य प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को जागरूक एवं प्रेरित किया।
गायत्री परिवार के युवा समन्वयक मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. प्रवीण सिंह दीपक ने “व्यक्तित्व विकास के विभिन्न आयाम” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए बताया कि आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा ब्लॉक समन्वयक श्री अविनाश सिंह द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुचारू एवं प्रभावशाली रूप से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया और विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया । जिला समन्वयक डॉ० त्रिवेणी सिंह ने बताया कि कन्या कौशल संगोष्ठी में श्री शिव प्रताप इंटर कॉलेज, सेपियन स्कूल, विद्या मंदिर, श्री जंग बहादुर सिंह इंटर कॉलेज सहित कई विद्यालयों की बालिकाओं ने प्रतिभाग किया । शनिवार को किशोर कौशल संगोष्ठी का आयोजन किया गया है । अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया तथा कन्याओं के उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी गईं।







