FATEHPUR NEWS: जनपद में पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का बुधवार को शुभारंभ किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर से उत्तर प्रदेश सरकार की पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वेद ब्रत गंगवार सहित समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वेद ब्रत गंगवार ने बताया कि यह अभियान 22 जुलाई से 8 सितंबर 2026 तक कुल 45 दिनों तक संचालित किया जाएगा। जनपद के 13 विकास खंडों में 46 टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम की निगरानी के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारियों को सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। उनके निर्देशन में पशुधन प्रसार अधिकारी, प्रशिक्षित मैत्री एवं पैरावेट टीकाकरण का कार्य करेंगे। अभियान के तहत जनपद के 5,95,720 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। सभी गांवों में चार माह से अधिक आयु के गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक पशु की ईयर टैगिंग भी अनिवार्य रूप से की जाएगी। टीकाकरण के दौरान भारत पशुधन ऐप पर रियल टाइम ऑनलाइन फीडिंग की जाएगी। इसमें पशु का टैग नंबर, पशुपालक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर तथा पशु का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। ऑनलाइन सत्यापन के लिए पशुपालक के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे टीकाकरणकर्ता के साथ साझा करना आवश्यक होगा, ताकि टीकाकरण का रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज किया जा सके। विभाग ने बताया कि कोल्ड चेन व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। जिन पशुओं को पहली बार एफएमडी का टीका लगाया जाएगा, उन्हें एक माह बाद बूस्टर डोज भी दी जाएगी। विकास खंडों की गोशालाओं में भी प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि एफएमडी एक संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं के मुंह और पैरों में छाले, बुखार, कमजोरी तथा दुग्ध उत्पादन में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस बीमारी के कारण भारत के पशुधन उत्पादों के निर्यात पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस रोग का उन्मूलन राष्ट्रीय हित में आवश्यक है। विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि टीकाकरण टीम के गांव पहुंचने पर अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं, ईयर टैगिंग में सहयोग करें तथा मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी उपलब्ध कराकर अभियान को सफल बनाने में सहभागिता निभाएं। इससे पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ जनपद में शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य भी पूरा किया जा सकेगा।







