SANGRAMGARH NEWS: स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम खनवारी में प्रधान के खिलाफ पूर्व में हुई मारपीट के मामले में बुजुर्गों और महिलाओं ने कल शाम रात्रि लगभग 9:00 बजे थाना परिसर में दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने पहुंच कर पुलिस को फर्जी मुकदमे में फासाने के संबंध को लेकर थाने पहुंची और उल्टी सीधी बातें खरी खोठी पुलिस वालों को सुनाया फर्जी मुकदमों के आरोप से ग्रामीणों में आक्रोश, बुजुर्गों और महिलाओं ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग सामूहिक रूप से सामने आऐ ग्रामीणों व महिलाओं ने, कहा—सवाल उठाने पर पुलिस झूठे मुकदमे में फासाने कार्रवाई का डर दिखाकर दबाने की कोशिश थाना क्षेत्र के गांव खनवारी में विकास कार्यों और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाने वाले ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए जाने का आरोप लगाते हुए महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी कोई व्यक्ति गांव के विकास कार्यों में अनियमितता अथवा आपसी मतभेद को लेकर सवाल उठाता है, तो उसे डराने-धमकाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लेकर झूठे मुकदमों में उलझा दिया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक कथित फर्जी मुकदमों के कारण कई परिवारों का जीना मुहाल हो गया है। उनका कहना है कि लोग मानसिक और आर्थिक रूप से परेशानी झेल रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों ने मामले को गंभीर बताते हुए उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में प्रधान की कथित मनमानी और उत्पीड़न से परेशान लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और ग्रामीणों की शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच कराकर वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि मुकदमे गलत पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।







