यूपीएस कटरा गुलाब सिंह के पूर्व छात्र हैं अमेरिकी प्रो.एस एन गुप्ता
PRATAPGARH NEWS: कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व सफलता हाथ लगी है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा (यूएफ) के कॉलेज ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने एक नई प्रायोगिक दवा DH20931 की खोज की है। यह दवा स्तन कैंसर के सबसे आक्रामक रूप यानी ‘ट्रिपल-नेगेटिव स्तन कैंसर’ को लक्षित कर उसे नष्ट करने की क्षमता रखती है। प्रतिष्ठित जर्नल ‘मॉलिक्यूलर कैंसर थेरेप्यूटिक्स’ में प्रकाशित इस शोध का नेतृत्व मूल रूप से तरौल , कटरा गुलाब सिंह, प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) के निवासी डॉ. सत नारायण गुप्ता (Ph.D.) ने किया है। प्रोफेसर सत नारायण गुप्ता यू पी एस कटरा गुलाब सिंह के पूर्व छात्र रह चुके हैं।
कैसे काम करती है दवा? यह दवा कैंसर कोशिकाओं के भीतर ‘CerS2’ नामक एंजाइम को सक्रिय करती है, जिससे कोशिकाओं में ‘सेरामाइड्स’ नामक विषैली वसा (toxic fats) की बाढ़ आ जाती है। डॉ. नारायण ने इसकी तुलना बिजली के ‘पावर सर्ज’ से की है, जिससे कैंसर कोशिकाओं के आंतरिक जैविक फ्यूज उड़ जाते हैं और वे स्वतः नष्ट हो जाती हैं। अच्छी बात यह है कि शरीर की स्वस्थ कोशिकाएं इस दवा से पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं।
कीमोथेरेपी होगी और असरदार प्रयोगशाला परीक्षणों में जब इसे मानक कीमोथेरेपी दवा ‘डॉक्सोरूबिसिन’ के साथ मिलाया गया, तो कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए आवश्यक कीमोथेरेपी की खुराक लगभग पांच गुना कम हो गई। यह दवा कोशिकाओं में कैल्शियम बढ़ाकर उनके माइटोकॉन्ड्रिया (ऊर्जा केंद्र) को भी ठप कर देती है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह ‘डबल-स्ट्राइक’ फॉर्मूला भविष्य में अन्य ठोस ट्यूमर के इलाज में भी मील का पत्थर साबित होगा। इस उपलब्धि को माॅडल यू पी एस कटरा गुलाब सिंह के प्रधानाध्यापक मोहम्मद फरहीम ने बच्चों के बीच साझा करते हुए प्रोत्साहित किया। अपने स्कूल के पूर्व छात्र को बधाई दी।







