Home उत्तर प्रदेश किसान दिवस में उठीं खाद, बिजली और सिंचाई की समस्याएं

किसान दिवस में उठीं खाद, बिजली और सिंचाई की समस्याएं

भाकियू (अराजनीतिक) ने सीडीओ को सौंपा ज्ञापन
FATEHPUR NEWS: विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस गोष्ठी में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। गोष्ठी के उपरांत भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम के नेतृत्व में किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर धान रोपाई के मौसम को देखते हुए किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय धान की रोपाई का है, इसलिए किसानों को खाद, बिजली और सिंचाई से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े। किसानों ने मांग की कि जिले की सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए तथा खाद का वितरण सुचारू रूप से किया जाए, जिससे किसानों को लंबी कतारों में न लगना पड़े। किसान नेताओं ने प्रशासन से प्राइवेट खाद विक्रेताओं पर भी सख्त निगरानी रखने की मांग की। उनका कहना था कि कई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलते हैं और खाद के साथ सल्फर, जिंक या अन्य उत्पाद जबरन खरीदने के लिए किसानों पर दबाव बनाते हैं। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सीज किया जाए तथा नियमित रूप से स्टॉक की जांच कराई जाए। बिजली व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। ज्ञापन में कहा गया कि कृषि फीडरों पर शाम 7 बजे से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, क्योंकि भीषण गर्मी के कारण धान की नर्सरी की सिंचाई शाम के समय ही संभव हो पाती है। दिन में सिंचाई करने से नर्सरी को नुकसान पहुंचता है। किसानों ने जर्जर एवं ढीले विद्युत तारों को तत्काल दुरुस्त कराने, धान रोपाई के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने तथा विशेष अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था सुधारने की मांग की। इसके अलावा नए नलकूपों के लिए विद्युत सामग्री बरसात शुरू होने से पहले उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसानों का कहना था कि वर्तमान में केवल 18 मई तक के आवेदनों पर ही सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अन्य किसान परेशान हैं। सिंचाई व्यवस्था के संबंध में किसानों ने मांग की कि सभी नहरों और रजबहों में हेड से लेकर टेल तक पूरी क्षमता के साथ पानी छोड़ा जाए, ताकि प्रत्येक किसान को सिंचाई का लाभ मिल सके। साथ ही धान रोपाई के मद्देनजर किसानों को गैलन में डीजल देने पर किसी प्रकार की रोक न लगाई जाए और सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। ज्ञापन सौंपते समय भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।