Home उत्तर प्रदेश कारोबारियों को स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य के प्रति किया जागरूक

कारोबारियों को स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य के प्रति किया जागरूक

फतेहपुर में खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित
FATEHPUR NEWS: खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की पहल पर गुरुवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, फतेहपुर की ओर से खाद्य कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिंदकी स्थित कृष्णा पार्टी लॉन में आयोजित प्रशिक्षण में फतेहपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में खाद्य कारोबारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम सहायक आयुक्त द्वितीय वीरेंद्र सिंह कुशवाहा के निर्देश और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश दीक्षित के नेतृत्व में आयोजित हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया। खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप मिश्रा तथा प्रशिक्षक शैलेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान दो समूहों में खाद्य कारोबार संचालकों को खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, खाद्य पदार्थों के उचित रख-रखाव, सुरक्षित तरीके से खाद्य पदार्थों को संभालने और आवश्यक अभिलेखों के रख-रखाव के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षक ने कहा कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री की प्रत्येक प्रक्रिया में स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। लापरवाही से खाद्य पदार्थ दूषित हो सकते हैं, जिसका उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें। प्रशिक्षण को व्यावहारिक एवं संवादात्मक तरीके से आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त करने के साथ अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। सफल प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण का प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रशिक्षित खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक के रूप में मान्यता प्रदान करेगा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से खाद्य कारोबारियों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।