JHANSI NEWS: मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में झांसी पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने उड़ीसा से मध्यप्रदेश के शिवपुरी ले जाई जा रही करीब 350 किलोग्राम अवैध गांजा की खेप बरामद करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 49 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त एक ट्रक, एक कार और कई मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने पत्रकार वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एएनटीएफ और रक्सा थाना पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गांजा तस्करी से जुड़े कुछ व्यक्ति चित्रा चौराहा स्थित होटल ओम रेजिडेंसी में ठहरे हुए हैं और किसी बड़ी खेप को गंतव्य तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने होटल में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान होटल के कमरा नंबर 101 से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी बाल गोविंद, संजय अग्रवाल तथा शिवपुरी जिले के नरवर निवासी मुन्नालाल झा के रूप में हुई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उड़ीसा से गांजा से भरा एक ट्रक लेकर शिवपुरी जा रहे हैं, जो फिलहाल ललितपुर बाईपास के पास सिजवाहा क्षेत्र में खड़ा हुआ है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रक्सा थाना पुलिस के सहयोग से ट्रक संख्या यूपी-80 ईटी-0669 को अपने कब्जे में ले लिया। ट्रक की गहन तलाशी लेने पर उसमें अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया करीब 350 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से ट्रक चालक संजय गौर निवासी मोहना कॉलोनी, ग्वालियर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक ट्रक, एक कार तथा छह से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर बेहद सुनियोजित तरीके से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा की खेप को उड़ीसा से मध्यप्रदेश के शिवपुरी तक पहुंचाया जाना था। तस्करी के दौरान ट्रक के आगे एक कार चलाई जा रही थी, जिसमें बैठे आरोपी रास्ते की रेकी करते थे। वे पुलिस चेकिंग और अन्य गतिविधियों की जानकारी ट्रक चालक तक पहुंचाते थे, जिससे खेप को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। हालांकि पुलिस की सतर्कता और सटीक सूचना के चलते तस्करों की यह योजना सफल नहीं हो सकी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा की इस खेप का वास्तविक मालिक कौन है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अब उड़ीसा से लेकर मध्यप्रदेश तक फैले इस तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है। पत्रकार वार्ता में एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने कहा कि झांसी पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संयुक्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि एएनटीएफ और रक्सा थाना पुलिस की सतर्कता से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की खेप पकड़ी जा सकी, जिससे युवाओं तक पहुंचने वाले नशे के एक बड़े जाल को तोड़ने में सफलता मिली है। पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।







