Home उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जनहित सर्वोपरि:जिलाधिकारी शैलेष कुमार

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जनहित सर्वोपरि:जिलाधिकारी शैलेष कुमार

एनीमिया नियंत्रण, एएनसी, संचारी रोग अभियान एवं अवैध क्लीनिकों पर सख्ती के दिए निर्देश
BHADHAOI NEWS: जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, योजनाओं एवं सेवाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई स्वास्थ्य संकेतकों (इंडिकेटर्स) में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे आमजन के जीवन एवं स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहित से जुड़े मामलों में जवाबदेही हर स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनीमिया से पीड़ित मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा उन्हें आयरन, फोलिक एसिड एवं अन्य आवश्यक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनपद में अवैध रूप से संचालित झोलाछाप चिकित्सकों एवं क्लीनिकों के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। एएनसी (गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच) की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभोली एवं औराई की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को प्रस्तुतिकरण (पीपीटी) एवं आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार करने की हिदायत दी। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि 10 अगस्त तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत शेष सभी कार्यों का माइक्रो प्लान तैयार कर उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जनपद की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य चिकित्सालयों में साफ-सफाई, सुव्यवस्था, औषधियों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं एवं मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई में रोगी हित सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, पोषण संबंधी गतिविधियों सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का संचालन शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की हर हाल में प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी जनसेवा की भावना के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समीक्षा बैठकों में प्रगति का पुनः मूल्यांकन किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्यगण, विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।