8 मुहर्रम पर कर्बला के शहीदों की याद में पिलाया पानी-शरबत
MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) मुहर्रम के पवित्र महीने में, विशेष रूप से कर्बला के शहीदों की याद और उनकी प्यास के स्मरण में ‘सबील’ लगाकर राहगीरों और यात्रियों को शरबत व पानी पिलाने की परंपरा निभाई जाती है। इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य मानवता, त्याग और भाईचारे का संदेश देना है। इसी क्रम में संगमोहाल स्थित समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय कैंप कार्यालय पर 8 मुहर्रम की शाम इंसानियत और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। संगठन के राष्ट्रीय चेयरमैन की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में ‘सबील’ लगाकर राहगीरों और अकीदतमंदों को ठंडा पानी और शरबत वितरित किया। कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े आदर और सम्मान के साथ की गई यह सेवा सभी के दिलों को छू गई। मुहर्रम में सबील लगाने की परंपरा कर्बला की उस घटना की याद दिलाती है, जब इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों के लिए यज़ीदी फौज ने फुरात नदी का पानी बंद कर दिया था। प्यास की उसी तीव्रता और कर्बला के शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हर साल मुहर्रम के दिनों में सबील लगाई जाती है, ताकि हक, इंसानियत और सेवा का संदेश आम लोगों तक पहुंचे। सबील कार्यक्रम में मुख्य रूप से नाज़ परवीन, सुनीता चौधरी, सुनैना यादव, रिम्पी, आशीष कन्नौजिया, प्रिंस, हनी, ममता, सोनी सिंह, सुभानजलि, नेहाल, राकेश मौर्या, जावेद, तौसीफ़ एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







