PRAYAGRAJ NEWS: बारा तहसील के जसरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा रेही में नए कोटेदार की नियुक्ति को लेकर शुक्रवार को ग्राम सचिवालय परिसर में भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने अपनी पसंद के उम्मीदवार महेंद्र यादव को कोटेदार बनाए जाने की मांग करते हुए अधिकारियों पर पक्षपात और हीला हवाला करने के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान गांव में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा और ग्रामीणों ने खुलकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की अधिकांश जनता महेंद्र यादव के पक्ष में है और उन्हें ही कोटेदार बनाया जाना चाहिए। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा जानबूझकर प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है तथा किसी अन्य व्यक्ति को कोटेदार बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे गांव के लोग स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। ग्राम सचिवालय में सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जिस व्यक्ति पर जनता का भरोसा हो, उसी को सरकारी राशन वितरण की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार महेंद्र यादव लंबे समय से गांव के सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं। यही कारण है कि गांव की जनता उन्हें कोटेदार के रूप में देखना चाहती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि अधिकारियों द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है और न ही ग्रामीणों की राय को गंभीरता से लिया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बंद कमरे में फैसले लेने की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से मतदान या चयन प्रक्रिया कराए तो महेंद्र यादव भारी बहुमत से चुने जाएंगे। लोगों ने चेतावनी दी कि गांव की इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति की गई तो इसका विरोध और तेज होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए और जनता की राय का सम्मान किया जाए। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि चयन प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरी की जाएगी। हालांकि ग्रामीण अधिकारियों की बातों से संतुष्ट नजर नहीं आए और अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्राम सभा रेही में कोटेदार नियुक्ति को लेकर उत्पन्न यह विवाद अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के लोगों की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं कि आखिरकार जनता की मांग को महत्व दिया जाएगा या फिर अधिकारियों द्वारा किसी अन्य नाम पर मुहर लगाई जाएगी।







