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राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार वाहन को जिला जज ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

MIRZAPUR NEWS: जनपद न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला एवं अपर जिला जज प्रथम/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत संतोष कुमार गौतम, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी ऋचा जोशी, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट  आसिफ इकबाल रिजवी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह, इंडियन बैंक की लॉ ऑफिसर मयूरी दत्ता एवं बैंक के वरिष्ठ अधिवक्ता बद्री विशाल ने संयुक्त रूप से 09 मई 2026, शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन मामलों, वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों तथा न्यायालय के मुकदमों के निस्तारण से होने वाले लाभ की जानकारी आम जनमानस को देने के लिए दीवानी न्यायालय परिसर, मीरजापुर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जनपद न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय परिसर मीरजापुर, बाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान एवं राजस्व विभाग से संबंधित अपर जिलाधिकारी वि./रा., अपर जिलाधिकारी भू./रा., नगर पालिका परिषद, चकबंदी विभाग, वन विभाग एवं समस्त राजस्व न्यायालयों में 09 मई 2026, शनिवार को पूर्वाह्न 10.00 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में सुलह योग्य मुकदमों एवं वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों को अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ई-चालान एवं लघु आपराधिक मुकदमों के निस्तारण हेतु प्रावधानित ‘सरल पेटी ऑफेंस डिपॉजिट योजना’ के तहत वादकारी धारा-206 सपठित धारा 253 दं.प्र.सं. के अंतर्गत अपने चालान का जुर्माना ‘सरल पेटी ऑफेंस डिपॉजिट खाता सं. 34906170085, भारतीय स्टेट बैंक, डंकीनगंज, मीरजापुर’ में स्वयं उपस्थित होकर अथवा ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों में पति-पत्नी के विवाद के निस्तारण के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित/पीड़िता आवेदक द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा और परिवार न्यायाधीश एवं मध्यस्थगण द्वारा पक्षकारों को बुलाकर समझौता के माध्यम से मुकदमे का समाधान कराया जाएगा। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होता है एवं इस निर्णय की अपील अन्य न्यायालय में नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली लोक अदालत में कुल 81,505 मुकदमों का निस्तारण किया गया था और इस प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 41,000 मुकदमों को निस्तारण के लिए चिह्नित किया गया है। अपर जिला जज/नोडल अधिकारी  संतोष कुमार गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी न्यायालय, सभी तहसीलदार न्यायालय, चकबंदी अधिकारी के न्यायालय, श्रम आयुक्त विभाग, नगर पालिका विभाग, विद्युत विभाग एवं समस्त बैंकों के ऋण बकायेदारों के प्री-लिटिगेशन सुलह योग्य मामलों को अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया गया है। वादकारी व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित करके अपनी समस्याओं का निदान करा सकते हैं। डीएलएसए सचिव/अपर जिला जज विनय आर्या ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में समस्त प्रकार के शमनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस से संबंधित धारा-138 एन.आई.एक्ट वाद एवं बैंक रिकवरी वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बिजली से संबंधित शमनीय दंड वाद, राजस्व वाद, सिविल वाद तथा आर्बिट्रेशन निष्पादन से संबंधित वादों का निस्तारण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि न्यायालय समय में लघु आपराधिक पेटी ऑफेंस मामलों/चालानों के निस्तारण के लिए दिनांक 06.05.2026, 07.05.2026 एवं 08.05.2026 को प्रतिदिन विशेष लोक अदालत का भी आयोजन किया गया है। समस्त जनमानस तथा समस्त अधिवक्ता बंधुओं एवं वादकारियों से अपील है कि राष्ट्रीय लोक अदालत तथा विशेष लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने-अपने मुकदमों, चालानों एवं पति-पत्नी के वैवाहिक विवादों से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का शीघ्र निस्तारण कराएं और राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाते हुए इस महाअभियान का लाभ उठाएं।