MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) रामबाग संघ भवन शाखा मीरजापुर में संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष मोहन लाल यादवजी द्वारा शिक्षक दिवस 64वीं वर्षगाँठ मनाई गई तथा उन्होंने कहा कि आज ही भारत की प्रथम उप राष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 05 सितम्बर 1888 ई० को हुआ था, जिसकी 138वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में, जो राष्ट्रपति भवन में सार्वजनिक रूप से वर्ष 1962 से पूरे भारत में महान शिक्षाविद् की याद में मनाया जाता है. शिक्षा का उद्देश्य पूरे विश्व को समान शिक्षा, समान संस्कार, संस्कृति तथा मानसिक विकास तथा पूरे विश्व को समान शिक्षा मिलना चाहिए तथा विश्व शिक्षा मंत्रालय का गठन होना चाहिए। कर्मचारी नेता बबलू खान ने कहा- प्रत्येक वर्ष 05 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक होता है ताकि व्यक्ति जागृत होकर शारीरिक मानसिक रूप से समाज में खड़ा हो सके, अपनी मांगों को उठा सके। विश्व हमारा परिवार है, इसलिए पूरे विश्व को समान शिक्षा की आवश्यकता है तथा कर्मचारी नेता भरत लाल ने कहा, शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति की आजादी का हथियार है, जो खुलकर बोलने, मानवाधिकार की रक्षा, समान शिक्षा, पूरे विश्व में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का विकास बिना शिक्षा के अधूरा है। गरीब हो या अमीर हो, सबको आर्थिक मदद के साथ शिक्षा प्राप्त कराया जा सके। वहीं महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष धर्मेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि आज शिक्षक दिवस की 64वीं वर्षगाँठ में शिक्षा पूरे विश्व को समान होना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 138वीं जयन्ती पर शिक्षक दिवस के स्थान पर विश्व पृथ्वी शिक्षक दिवस मनाया जाय, ताकि पूरे विश्व को समान शिक्षा प्राप्त हो सके तथा विश्व शिक्षा मंत्रालय का गठन किया जाय (सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया) तथा हमारी धरती वसुधैव कुटुम्बकम् के आधार पर कार्य करती है। इसलिए विश्व हमारा परिवार है, संस्कृति हमारी जननी है, इसलिए पूरे विश्व को समान शिक्षा की आवश्यकता है तथा संयुक्त राष्ट्र के स्थान पर एक बड़ी संस्था का निर्माण किया जाय, जिसका नाम विश्व संविधान रखा जाय, जिसका क्षेत्रफल (सम्पूर्ण पृथ्वी का क्षेत्रफल 51 करोड़ 01 लाख वर्ग किमी०) सम्मिलित किया जाय तथा विश्व संविधान की स्थापना अमेरिका के न्यूयार्क के स्थान पर न होकर भारत के राज्य स्थान के जैसलमेर जिले में 51 वर्ग किमी में स्थापित किया जाय ताकि प्रत्येक व्यक्ति को पूरे विश्व में समान शिक्षा तथा मानवाधिकार की रक्षा, संस्कृति की स्थापना कर विश्व स्तर तक विकास किया जा सके। संयुक्त राष्ट्र में उपस्थित भाषा अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, रूसी, स्पेनिश, हिन्दी तथा संस्कृत भाषा को सम्मिलित किया जाय। शिक्षा दिवस को पूरे विश्व मे समस्त विभाग में मनाया जाय ताकि लोग जागरूक हो सकें। आज की बैठक में उपस्थित संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष मोहन लाल यादव, कर्मचारी नेता बबलू खान, श्याम लाल, मिथिलेश तिवारी, धर्मेन्द्र पाण्डेय, भरत लाल, राजकुमार, डा० मोहम्मद अहमद आदि उपस्थित रहे।







