भीषण गर्मी में दो कमरों के 14 में से 12 पंखे खराब पढ़ने वाले खराब छात्र छात्राएं गर्मी से है बैचेन
ETAWA NEWS: मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना यूं तो माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंदीदा योजनाओं में से एक मानी जाती है लेकिन इस योजना से जुड़े कुछ अधिकारीगण इस योजना पर ज्यादा संजीदा नही दिखाई दे रहे है ताजा मामला मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के शिक्षण केन्द्र से जुड़ी कुछ मूलभूत सुविधाओं की कमी और पूर्व के शिक्षण केन्द्र की अदला बदली का है।
छात्राओं के लिए अलग से किसी भी टॉयलेट की व्यवस्था ही नहीं
इटावा जीआईसी स्थित चल रहे अभ्युदय योजना के शिक्षण केन्द्र की बात की जाए तो छात्र छात्राओं को पढ़ाई के नाम पर मात्र एक कमरा मात्र ही उपल्ब्ध हो पाया है इसी केंद्र पर कोचिंग पढ़ने वाली छात्राओं के लिए टॉयलेट की अलग से कोई व्यवस्था भी नही की गई है सभी छात्र एवम छात्राओं को NCC विंग के लिए बने एक ही टॉयलेट का ही प्रयोग करना पड़ रहा है।पानी पीने के लिए सभी छात्र छात्राएं राजकीय इंटर कालेज के अंदर बनी पानी की टंकी पर ही निर्भर है।
सड़ी गर्मी में खराब पंखों में ही बैठकर पढ़ने को मजबूर है छात्र छात्राएं
अब बात सैफई स्थित जनपद के द्वितीय अभ्युदय कोचिंग केन्द्र की की जाए तो पूर्व में यह शिक्षण केन्द्र चौधरी चरण सिंह पीजी कालेज हेंवरा में संचालित हो रहा था लेकिन अब इस नवीन सत्र से सैफई के अमिताभ बच्चन राजकीय इंटर कालेज में यह कोचिंग ट्रांसफर कर दी गई है जिससे हेंवरा कालेज के छात्र छात्राएं और अन्य दूर दूर के गांवों से आने वाले प्रतियोगी छात्र छात्राएं अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। इस बार बदले गए इस केंद्र पर दो कमरे है जिनमें इस भीषण सड़ी गर्मी में 14 में से 12 पंखे खराब है इस योजना से जुड़े अधिकारी अपने कार्यालय में एसी ऑफिस में कार्य कर रहे है लेकिन अभ्युदय योजना में पढ़ने वाले छात्र छात्राओ को पंखा नसीब नहीं है जो इस समय भीषण गर्मी से बैचेन हो रहे है अब देखने वाली बात यह भी है कि, ऐसी गर्मी में कौन उन्हें पढ़ाए और कौन बैठकर वहां 5 घंटे पढ़े। सैफई के अमिताभ बच्चन इंटर कालेज में स्थित शिक्षण केन्द्र पर 21 जुलाई को शुरू हुआ शिक्षण कार्य तीन से चार दिन के बाद से अब बंद हो गया है।
दूर दूर से कोचिंग पढ़ने आने वाली ग्रामीण छात्राएं है बेहद परेशान
सिविल सर्विस जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग में सैफई क्षेत्र से कोचिंग में प्रवेश लेने वाले ग्रामीण छात्र रमैयापुर, नगला सुभान, तरकारा, मोहनपुरा, चौबेपुर, झींगूपुर गींजा, नगला किशोरी, उझियानी, दिहुली, हेंवरा, बहादुरपुर, छिमारा, बर्रा, शाहजहांपुर, दर्शनपुरा, ललखौर, अमरसीपुरा, पाठकपुरा, परसौआ आदि गांवों से पंजीकृत है और वहीं से पढ़ने आते है जानकारी के मुताबिक कोचिंग की एक छात्रा ने दुखी होते हुए कहा कि,ऐसी अव्यवस्था में हमारे माता पिता हमे कोचिंग जाने के लिए ही मना कर रहे है अब हम गरीब छात्र अपना अधिकारी बनने का सपना कैसे पूरा करें। पुराना सेंटर बदलने से सभी लड़कियों को आने जाने में बहुत ही असुविधा हो रही है। विषय विशेषज्ञों के चयन का मानक भी इस बार मनमानी से बदल गया अब यदि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना कोचिंग में सत्र 25- 26 में विषय विशेषज्ञों के चयन प्रक्रिया की बात की जाए तो इस योजना में आवेदन करने वाले अभियार्थियो को विभाग ने साक्षात्कार का पत्र भेजकर उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के नियम विरुद्ध जाकर बिना किसी लिखित परीक्षा की सूचना दिए ही आवेदकों की मौके पर लिखित परीक्षा संपन्न करा दी । जब कि उत्तर प्रदेश के सभी अन्य जनपदों में इसी अभ्युदय योजना में सिर्फ ट्रायल लेक्चर से ही सभी विषय विशेषज्ञों चयन किया गया है । इसके साथ ही आवेदन करने वाले किसी भी अभियर्थी को लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र साथ ले जाने नही दिया गया न ही लिखित परीक्षा में उन्हें कोई OMR शीट उपलब्ध गई साथ ही लिखित परीक्षा के बाद का परीक्षा परिणाम विभाग द्वारा सार्वजनिक रूप से कहीं भी चस्पा ही नहीं किया गया जिससे सभी शिक्षक अभ्यर्थियों में रोष व्याप्त है । अब ऐसी विषम परिस्थितियों में इस महत्वपूर्ण योजना से अब तक जुड़े रहे सभी सम्मानित शिक्षकों का इस महत्वाकांक्षी योजना की चयन प्रक्रिया से भरोसा उठना लाजमी है। अतः जिला प्रशासन से अनुरोध है कि,इस योजना में पढ़ने वाले सभी प्रतियोगी छात्र छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए छात्र छात्राओं के बैठने के साथ उनके छात्रों के फीड बैक सहित विषय विशेषज्ञों के चयन प्रक्रिया की प्रणाली का एक बार पुनः अवलोकन अवश्य करें साथ ही पूर्व शिक्षकों की भी समस्याओं को भी समझा जाए जिससे माननीय मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी अभ्युदय योजना जनपद इटावा भी अपने दूरगामी उद्देश्य को सहजता से प्राप्त कर सके और प्रतियोगी छात्र छात्राओं के सुनहरे सपने भी पूरे हों।







