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मीरजापुर के ऐतिहासिक स्थलों के चिन्हांकन एवं पुनर्जीवन हेतु नगर पालिका परिषद की विशेष पहल

नरघाट स्थित ब्रिटिशकालीन दर-स्तम्भ का होगा संरक्षण, पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण

MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता)  नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धरोहर स्थलों के चिन्हांकन, संरक्षण एवं पुनर्जीवन के उद्देश्य से एक विशेष शोध एवं सर्वेक्षण पहल चलाई जा रही है। इस कार्य के लिए नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी के मार्गदर्शन में शोधकर्ताओं की एक विशेष टीम पिछले लगभग दो वर्षों से मिर्जापुर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों, घाटों, पुरानी संरचनाओं, अभिलेखीय संकेतों एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य कर रही है।इस शोध कार्य के दौरान टीम द्वारा नगर से जुड़े अनेक रोचक, महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक तथ्य सामने लाए गए हैं। मीरजापुर के प्राचीन व्यापारिक स्वरूप, घाट संस्कृति, ब्रिटिशकालीन व्यवस्थाओं, नगर की पुरानी संरचनाओं और स्थानीय विरासत से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां चिन्हित की गई हैं। नगर पालिका परिषद द्वारा इन निष्कर्षों को चरणबद्ध रूप से व्यवस्थित किया जा रहा है, और आने वाले समय में मिर्जापुर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी कई और महत्वपूर्ण बातें सामने लाई जाएंगी। इसी क्रम में नरघाट क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्तम्भ चिन्हित किया गया है, जिस पर ब्रिटिशकालीन समय की विस्तृत दर-सूची अंकित पाई गई है। यह स्तम्भ मीरजापुर के व्यापारिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व का प्रमाण है तथा नगर की प्राचीन व्यवस्था, घाट संस्कृति और तत्कालीन जनजीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। यह संपूर्ण पहल नगर पालिका परिषद, मीरजापुर के अध्यक्ष की विशेष रुचि, दूरदर्शिता एवं मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई थी। अध्यक्ष महोदय द्वारा नगर की विरासत को संरक्षित करने, ऐतिहासिक स्थलों को पुनर्जीवित करने तथा आमजन और आने वाली पीढ़ियों को मीरजापुर की गौरवशाली धरोहर से परिचित कराने के उद्देश्य से इस कार्य को प्राथमिकता दी गई है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष ने घोषणा की है कि नरघाट स्थित इस ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन दर-स्तम्भ का शीघ्र ही संरक्षण, पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण एवं समुचित प्रकाश व्यवस्था सहित संपूर्ण कायाकल्प कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया, डिज़ाइन, संरक्षण पद्धति एवं कार्ययोजना तैयार की जा रही है। शीघ्र ही नियमानुसार विस्तृत प्रस्ताव, डिज़ाइन एवं कार्य प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने कहा कि मीरजापुर केवल एक नगर नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, व्यापार और परंपरा की जीवंत पहचान है। नगर पालिका परिषद का प्रयास है कि नगर की ऐसी सभी ऐतिहासिक धरोहरों को चिन्हित कर उनका संरक्षण किया जाए, ताकि मीरजापुर की ऐतिहासिक पहचान और अधिक सशक्त रूप से सामने आ सके। पिछले दो वर्षों में शोधकर्ताओं की टीम द्वारा जो तथ्य सामने लाए गए हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि मीरजापुर की ऐतिहासिक विरासत अत्यंत समृद्ध, गहन और गौरवपूर्ण है। नगर पालिका परिषद द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। नरघाट स्थित दर-स्तम्भ का पुनर्जीवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम होगा। भविष्य में अन्य चिन्हित स्थलों पर भी इसी प्रकार संरक्षण, पुनर्जीवन एवं विकास कार्य कराए जाएंगे। नगर पालिका परिषद, मीरजापुर नगरवासियों से अपील करती है कि वे नगर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सहयोग करें तथा ऐसी किसी भी पुरात्विक, सांस्कृतिक या ऐतिहासिक जानकारी को परिषद के संज्ञान में लाएं, जिससे मीरजापुर की विरासत को और बेहतर ढंग से संरक्षित किया जा सके।