JHANSI NEWS: जनपद झांसी के थाना सीपरी बाजार क्षेत्र के नंदनपुरा निवासी रामनारायण बाल्मीकि ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उनकी पैतृक कृषि भूमि पर कब्जा करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है तथा विरोध करने पर उनके और उनके परिवार के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया गया। रामनारायण बाल्मीकि ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पैतृक कृषि भूमि थाना रक्सा क्षेत्र के ग्राम अठोंदना में स्थित है, जहां वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग लंबे समय से उनकी जमीन को हड़पने की नीयत से उन्हें जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं। जब उन्होंने जमीन बेचने से इंकार किया तो आरोपितों ने उन्हें और उनके परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार 23 मई की सुबह वह अपनी पत्नी के साथ खेत पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान आरोपित एक राय होकर खेत पर पहुंचे और जमीन बेचने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और उनके साथ मारपीट की। शोरगुल होने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ लोगों को थाने ले गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रामनारायण का आरोप है कि इसके बाद आरोपितों ने खेत पर लगी तार फेंसिंग को उखाड़ दिया तथा मुख्य गेट और पिलरों को जेसीबी मशीन से क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी दी गई, लेकिन शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसी दिन रात करीब नौ बजे आरोपित दोबारा उनके खेत पर बने मकान में घुस आए। उस समय वह अपनी पत्नी के साथ भोजन कर रहे थे। आरोप है कि आरोपितों ने घर में घुसकर गाली-गलौज की, मारपीट की तथा उनकी पत्नी के साथ अभद्रता की। विरोध करने पर दोनों पति-पत्नी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। शोर सुनकर आसपास के लोग और खेतों पर रहने वाले अन्य लोग मौके पर पहुंचे, तब जाकर आरोपित वहां से भागे।
घटना में घायल होने के बाद रामनारायण और उनकी पत्नी जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और उपचार दिया गया। पीड़ित का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उन्होंने कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। रामनारायण ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि कार्रवाई न होने से आरोपितों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें अपने तथा अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है.







