FATEHPUR NEWS: शहर के वीआईपी रोड स्थित हाइडिल कॉलोनी में अधीक्षण अभियंता (एसी) कार्यालय की सुरक्षा के लिए कराए जा रहे बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक पक्ष ने मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि पर अपना स्वामित्व होने का दावा किया और निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग द्वारा कार्यालय परिसर की सुरक्षा को देखते हुए बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान दर्जनों लोगों के साथ पहुंचे एक पक्ष ने निर्माणाधीन भूमि को निजी संपत्ति बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जिस भूमि पर बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है, वह उनकी निजी भूमि है और विद्युत विभाग को वहां निर्माण कराने का अधिकार नहीं है। दावेदारी करने वाले पक्ष के प्रतिनिधि संजय पांडेय ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में उक्त भूमि को वैधानिक प्रक्रिया के तहत खरीदा था। उनके अनुसार यह भूमि दो भाइयों के हिस्से में थी, जिनमें से एक की भूमि विद्युत विभाग द्वारा पूर्व में खरीदी गई थी, जबकि दूसरे भाई के हिस्से की भूमि नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से उन्होंने क्रय की है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में सक्षम राजस्व अधिकारियों के आदेश भी उपलब्ध हैं। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल निर्माण कार्य को रोक दिया गया है और मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ई. अनिल वर्मा ने बताया कि विभाग अपने करोड़ों रुपये मूल्य के उपकरणों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहा था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, जिसके बाद निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिशासी अभियंता ने दावा किया कि वर्ष 1978 में विद्युत विभाग ने स्थानीय तीन व्यक्तियों से यह भूमि विधिवत खरीदी थी और तब से लेकर अब तक विभाग का उक्त भूमि पर लगातार कब्जा एवं उपयोग बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास भूमि संबंधी अभिलेख मौजूद हैं और वर्षों से विभाग का स्वामित्व एवं कब्जा कायम है। फिलहाल भूमि स्वामित्व को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। मामले की जांच और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासनिक स्तर पर भी इस विवाद पर नजर रखी जा रही है।







