BALRAMPUR NEWS: (कमाल खान) जनपद में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के निर्देशानुसार जिला कृषि अधिकारी उपेन्द्र नाथ खरवार एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए (कृषि) राकेश चन्द्र पाण्डेय द्वारा शनिवार को विकास खण्ड बलरामपुर के जुआथान क्षेत्र स्थित उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया, जबकि दूसरे विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण के दौरान जायसवाल ट्रेडर्स, जुआथान पर किसानों से बातचीत की गई। किसानों ने बताया कि यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक, लगभग ₹400 से ₹450 प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है तथा उसके साथ जिंक सल्फेट भी अनिवार्य रूप से लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जांच के दौरान पीओएस मशीन में उपलब्ध स्टॉक और प्रतिष्ठान पर मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान करने पर 90 बोरी यूरिया कम पाई गई। स्टॉक पंजिका में भी गंभीर अंतर मिला। पूछताछ के दौरान विक्रेता ने बताया कि पीओएस मशीन संचालित न होने के कारण किसानों को बिना पीओएस एंट्री के उर्वरक वितरित कर दिया गया तथा उनके आधार कार्ड एवं खतौनी जमा कर ली गई। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीओएस मशीन पर बिक्री दर्ज किए बिना किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण नहीं किया जाएगा। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, स्टॉक में गड़बड़ी तथा वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता पाए जाने के कारण संबंधित विक्रेता का उर्वरक विक्रय अधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त मै० रवीन्द्र कुमार, जुआथान के प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया गया। यहां रेट बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाए गए। यद्यपि पीओएस मशीन के अनुसार उपलब्ध स्टॉक सही पाया गया, लेकिन स्टॉक पंजिका एवं वितरण पंजिका अपूर्ण मिली। इस पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री, टैगिंग, स्टॉक में हेराफेरी अथवा पीओएस प्रणाली का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है । जनपद की सभी खुदरा उर्वरक दुकानों पर पीओएस मशीनें सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। दिनांक 24 जुलाई 2026 को जनपद में 917.405 मीट्रिक टन (20,385 बोरी) यूरिया तथा 217.785 मीट्रिक टन (4,356 बोरी) फास्फेटिक उर्वरक का सफलतापूर्वक वितरण किया गया है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित दर पर ही उर्वरक खरीदें, प्रत्येक खरीद की रसीद अवश्य प्राप्त करें तथा यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य वसूलता है, अनावश्यक उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करता है अथवा किसी प्रकार की अनियमितता करता है तो उसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







