MIRZAPUR NEWS: महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में विगत 22 वर्षों से निरंतर कार्यरत प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन श्आस्था संस्थाश् द्वारा आज एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय पहल की गई। संस्था की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल के नेतृत्व में शनिवार को राष्ट्रीय पुनर्वास केंद्र ; जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार का दौरा किया गया जहाँ भर्ती गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के लिए विशेष कदम उठाए गए। बच्चों और माताओं को मिली मदद राष्ट्रीय पुनर्वास केंद्र ; इस समय 10 बच्चे उपचार के लिए एडमिट हैं। इन सभी बच्चों को अति.कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने और उनके बेहतर शारीरिक विकास के लिए संस्था द्वारा श्पोषण पोटलीश् ;विशेष न्यूट्रिशन किटद्ध उपलब्ध कराई गई। इसके साथ हीए बच्चों की माताओं को भी यह पोषण पोटली दी गईए ताकि स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों दोनों का स्वास्थ्य सुदृढ़ हो सके।
विगत 22 वर्षों से निरंतर प्रयास
संस्था की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल ने कहा कि आस्था संस्था पिछले दो दशकों से अधिक समय ;22 वर्षों से धरातल पर महिलाओं और बच्चों के अधिकारों शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही है। कुपोषण को समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषण की मार न झेले। इन बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए हमारी टीम लगातार प्रयासरत है. सरकारी प्रयासों को मिल रहा है बल जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार एवं सीडीपीओ चंद्रप्रभा की उपस्थिति में आस्था संस्था का यह अभियान सरकार के श्कुपोषण मुक्त भारतश् के संकल्प और बाल विकास योजनाओं को सीधे तौर पर मजबूती प्रदान कर रहा है। सरकारी तंत्र ; और एनआरसी के साथ मिलकर गैर.सरकारी संगठनों ; की ऐसी सामूहिक भागीदारी से ज़मीनी स्तर पर कुपोषण उन्मूलन की गति और तेज़ हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान एनआरसी के चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य कर्मीए मुख्य सेविकाएं और आस्था संस्था के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे जिन्होंने इस संयुक्त प्रयास की सराहना की।







