SIDHARTHNAGAR NEWS: सर्किल क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराधियों पर नकेल कसने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश और अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन में बुधवार को शोहरतगढ़ और इटवा सर्किल में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें थानों की कार्यप्रणाली को परखने के साथ ही अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए। सर्किल कार्यालय पर आयोजित बैठक में क्षेत्राधिकारी (सीओ) शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने सर्किल के सभी प्रभारी निरीक्षकों, कार्यालय प्रभारियों और कर्मियों के साथ अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर विस्तृत समीक्षा की। सीओ शोहरतगढ़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि थानों पर लंबित विवेचनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों, टॉप-10 अपराधियों और सक्रिय गैंग्स पर सतत निगरानी रखी जाए तथा गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और जिला बदर जैसी प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई में तेजी लाई जाए। साथ ही उन्होंने संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को पूरी गंभीरता से सुनकर उसका त्वरित विधिक निस्तारण किया जाए। इसी क्रम में, कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से क्षेत्राधिकारी इटवा पवीन प्रकाश ने थाना मिश्रौलिया का औचक निरीक्षण कर विवेचकगण का अर्दली रूम (अपराध समीक्षा गोष्ठी) लिया। सीओ इटवा ने आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की बात कहते हुए विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण के लिए ‘ई-साक्ष्य ऐप’ और ‘ई-सम्मन ऐप’ के प्रभावी उपयोग की सख्त हिदायत दी। उन्होंने पुराने मामलों और जनशिकायतों से जुड़े प्रार्थना-पत्रों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस टीम को निर्देशित किया कि क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में नियमित पैदल गश्त बढ़ाई जाए और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना कर अभियुक्तों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। सीओ इटवा ने क्षेत्र में बढ़ रहे साइबर अपराध की रोकथाम के लिए ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और शातिर अपराधियों के विरुद्ध गुंडा व गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।








