Home उत्तर प्रदेश श्रीरामलीलाःराम वन गमन पर भावुक हुए श्रद्धालु

श्रीरामलीलाःराम वन गमन पर भावुक हुए श्रद्धालु

दशरथ मरण की लीला का मंचन देख श्रद्धालुओं के भींगे नयन

BHADOHI NEWS: श्रीरामलीला समिति द्वारा ऐतिहासिक रामलीला में षष्ठी दिन राम वनगमन एवं दशरथ मरण के लीला का मंचन किया गया। राजा दशरथ एक दिन दर्पण में अपने कुछ सफेद बालों को देख लेते हैं। गुरु वशिष्ठ से परामर्श करने के बाद वे अयोध्या का राज सिंहासन राम को सौंपने का निर्णय लेते है। इस सूचना से सारी अयोध्या मे उत्सव जैसा माहौल हो जाता है। अयोध्या के सभी लोग खुशी मानते दिखें गए। देवताओं के अनुरोध पर मां सरस्वती ने कैकई की दासी मंथरा की जिह्वा पर बैठकर उसकी बुद्धि को भ्रमित कर दिया। मंथरा ने अपने कपटपूर्ण बातों से कैकई की मति भंग कर उन्हें राजा दशरथ से वरदान मांगने को तैयार कर लिया। कैकई ने राजा दशरथ से राम के लिए बनवास और भरत को राज गद्दी का वरदान मांग लिया। दशरथ के बहुत समझने के बाद भी रानी जिद पर खड़ी रही। बृजकिशोर ने दशरथ और संदीप शुक्ल ने कैकेई का अभिनय किया। दशरथ व कैकई संवाद को दर्शकों को खूब पसंद किया। रघुकुल की रीति को निभाते हुए राजा दशरथ रानी कैकेई को वरदान दें देते हैं। माता की आज्ञा को मानते हुए भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण वन गमन के लिए निकल जाते हैं। राज भवन से जब यह सूचना नगरवासियों को मालूम होती है तो सारी अयोध्या नगरी व्याकुल हो जाती है। श्रीराम सरयू नदी पार करने केवट के पास पहुंचते हैं। राम जी नदी पार करने के लिए आग्रह करते हैं। लेकिन केवट हां तो करता है लेकर आगे नहीं जाता। श्रीराम ने केवट को अपना परिचय दिया तो केवट दूर भाग खड़ा होता है। कहता है कि आप वही राम हैं। जिनके छूने से ही शिला नारी बन गई। भगवान मेरी नाव तो लकड़ी की है। कहीं नारी बन गई या छूमंतर हो गई तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। इस पर भगवान श्रीराम केवट के भाव को समझते हुए समझाते हैं कि इसके बाद केवट उनके पांव पखारे। भगवान केवट को अपने गले लगाते केवट नदी पार कराने के लिए अपने नाव से आगे बढ़ते और गाते हैं कि मेरी नाव में सीताराम नदिया धीरे बहो, भजन पर दर्शकों को खूब भाता है। दशरथ के विलाप के जीवंत अभिनय ने आए हुए दर्शकों के नेत्रों से अश्रुधारा निकाल दी। रामलीला के मुख्य अथिति राजकुमार वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर प्रभू की लीला का शुभारंभ किया। विशिष्ट अथिति शशांक मिश्र ने प्रभु श्रीराम जी की पूजन आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर महामंत्री अवधेश उमर, अशोक जी, रमाकांत जी, छेदी लाल गुप्ता, अश्वनी साहू, लोकेश सेठ, मदन जायसवाल, ठाकुर प्रसाद, वैभव, अभिनंदन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।