JHANSI NEWS: जनपद न्यायालय, झांसी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्यायिक इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया। जनपद न्यायाधीश श्रीमती कमलेश कच्छल के नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 2,72,743 वादों का रिकॉर्ड निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने कहा कि न्याय व्यवस्था में तकनीक के समावेश से पारदर्शिता और गति आएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि लोक अदालतों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें ताकि न्याय प्रक्रिया सरल, सुलभ और कम खर्चीली बन सके। लोक अदालत में 154 वैवाहिक प्रकरण, 63 अन्य सिविल वाद, 1326 अन्य मामले, 11614 शमनीय आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही 7 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड भी वसूला गया। इसके अतिरिक्त 88359 जनहित गारंटी अधिनियम वाद, 10537 विद्युत उपभोक्ता वाद, 1058 आपराधिक वाद, 184 राजस्व वाद और 142 श्रम विवादों का निस्तारण हुआ। बैंक ऋण और मोबाइल बिल से जुड़े 909 प्रीलिटिगेशन मामलों का भी समाधान किया गया, जिनमें करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि संबंधित थी। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर न्यायालय परिसर में “ई-सेवा केंद्र” एवं “फ्री लीगल हेल्प डेस्क” का उद्घाटन किया गया। ई-सेवा केंद्र के माध्यम से अब वादकारियों और अधिवक्ताओं को केस की जानकारी, ई-फाइलिंग, ऑनलाइन भुगतान, प्रमाणित प्रतियां, ई-मुलाकात और डिजिटल हस्ताक्षर जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
वहीं फ्री लीगल हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक आम लोगों को कानूनी सलाह और न्यायालय प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
पारिवारिक न्यायालय ने बसाए 16 घर राष्ट्रीय लोक अदालत का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब देखने को मिला जब पारिवारिक न्यायालय की मध्यस्थता से 16 विवादित जोड़ों के बीच सुलह कराई गई। वर्षों पुराने विवादों को समाप्त करते हुए 6 दंपत्तियों ने दोबारा साथ रहने का फैसला लिया। न्यायालय परिसर में इन जोड़ों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में वादकारियों की उपस्थिति रही।







