BHADOHI NEWS: (नितेश श्रीवास्तव) प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों का मानदेय ₹9000 से बढ़ाकर ₹17000 किए जाने के उपलक्ष्य में जनपद भदोही के अनुदेशकों का सम्मान समारोह मधुवन वाटिका, ज्ञानपुर में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए अनुदेशकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, सांसद डॉ. विनोद बिन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडे द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए किया गया। इसके पश्चात प्राथमिक विद्यालय घरांव के बच्चों ने वाद्य यंत्रों के साथ सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी। बच्चों की अनुशासित एवं आकर्षक प्रस्तुति ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा आकर्षक रंगोली भी बनाई गई, जिसने कार्यक्रम स्थल की शोभा बढ़ा दी। अतिथियों ने छात्राओं की रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अनुदेशकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अनुदेशकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा खेल, कला एवं गतिविधि आधारित शिक्षा को नई दिशा देने में उनकी बड़ी भूमिका है। राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा अनुदेशकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों के भविष्य के वास्तविक निर्माणकर्ता होते हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है।
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों के प्रयासों से बेसिक शिक्षा में खेल, कला, शारीरिक शिक्षा एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है।
सांसद डॉ. विनोद बिन्द ने अनुदेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा एवं उन्नयन के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने भी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विकास खंड से चयनित महिला एवं पुरुष अनुदेशकों को मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मानित अनुदेशकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों एवं अनुदेशकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अनुशासन, नियमित उपस्थिति एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन धीरज कुमार सिंह ने प्रभावी ढंग से किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पाण्डेय ,सांसद प्रतिनिधि संजय बिंद, मंत्री प्रतिनिधि प्रवीण सिंह गौतम, नागेंद्र सिंह, अखिलेंद्र बघेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।







