Home उत्तर प्रदेश भूजल सप्ताह के समापन पर जल संवाद कार्यक्रम संपन्न 

भूजल सप्ताह के समापन पर जल संवाद कार्यक्रम संपन्न 

जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और जलवायु परिवर्तन पर हुई सार्थक चर्चा

JHANSI NEWS: परमार्थ समाज सेवी संस्थान, झाँसी एवं बुंदेलखंड इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान , झाँसी के संयुक्त तत्वावधान में अटल भूजल योजना के अंतर्गत संचालित भूजल सप्ताह के समापन अवसर पर मंगलवार को जल संवाद कार्यक्रम  का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, नदी पुनर्जीवन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर छात्रों, जल कार्यकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और जल एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। मुख्य अतिथि निदेशक प्रो. जे.के. शर्मा ने कहा कि जल संकट आज एक वैश्विक समस्या बन चुका है। इसके समाधान हेतु जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में ‘जल सहेलियाँ’ इस संकट से निपटने की नायिका बनकर उभरी हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैला रही हैं।
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मुकेश कुमार ने कहा कि प्राचीन सभ्यताएँ सदैव नदियों के किनारे बसती थीं और वे समृद्ध भी थीं। आज भी हमें उन्हीं मूल्यों को अपनाकर जल संसाधनों की रक्षा करनी होगी। परमार्थ संस्था के प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। बुंदेलखंड के सात जिले इस समय अतिवृष्टि से प्रभावित हैं। कभी सूखा, कभी अतिवृष्टि, तो कभी बेमौसम बारिश इन सबका सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ता है। ऐसे में इन प्रभावों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास और स्थानीय समाधान बेहद जरूरी हैं।
नोडल अधिकारी अटल भूजल योजना मनीष कनौजिया ने बताया कि प्रदेश में 22 से 26 जुलाई तक भूजल सप्ताह मनाया जा रहा है, और उसी कड़ी में यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने परमार्थ संस्था द्वारा किए जा रहे जल संचयन के प्रयासों की सराहना की। लघु सिंचाई विभाग से मानवेंन्द्र सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति को बढ़ावा देने की जरूरत है। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों के माध्यम से पानी की खपत को कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में जल सहेलियों द्वारा जल संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका की भी सराहना की गई। जल सहेली रेखा’ ने कहा, “गाँव का पानी गाँव में रहे — यही हमारा संकल्प है। जब तक हम हैं, तब तक जल संरक्षण का कार्य करते रहेंगे। यही जीवन की सफलता है।”
इससे पूर्व, बीआईइटी  द्वारा 18 जुलाई को अटल भूजल सप्ताह के अंतर्गत एक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें भूजल, जलवायु परिवर्तन और जल संरक्षण जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे गए। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन छात्रों को प्रोत्साहन स्वरूप ₹1100 के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अभय वर्मा ने किया। कार्यक्रम में अनेक विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसरगण, जल योद्धा एवं समाजसेवी उपस्थित रहे और जल प्रबंधन के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया गया।